जहां चाह वहां राह, सौ वर्ष की उम्र में ग्रेजुएट हुई महिला
मालिनी मिश्र, काठमांडू, ३० अगस्त ।
जहां चाह वहां राह, यह हौसला सभी में नही होता है, इस हौसले का एक नायाब उदाहरण, मेसाचुसेट्स की एक महिला ने कर दिखाया है । सौ साल की एक बुजर्ग महिला का 80 साल लंबा इंतजार तब खत्म हुआ जब उसे आखिरकार उनका हाई स्कूल डिप्लोमा दिया गया। ये महिला अमेरिका के मैसाचुसेट्स राज्य की रहनी वाली है। पढ़ाई से नाता टूटने के बाद वो पर्दे सिलने वाली एक फैक्ट्री में दिहाड़ी पर काम करने लगीं, लेकिन उनकी पढ़ने की चाह खत्म नहीं हुई। वो शब्दकोश और इनसाइक्लोपीडिया की सहायता से कुछ न कुछ सीखती रहीं। वो कहती हैं कि मैं इन किताबों में शब्दों को ढूंढकर फिर उन्हें खुद ही सीखने की कोशिश करती थी।
वैश्विक मंदी के दौर में क्लेर पिस्सिउटो नामक ये महिला हाई स्कूल में दाखिला लेने वाली थी। लेकिन उसके मातापिता ने उनकी पढ़ाई छुड़वाकर, उन्हें कोई नौकरी करने को कहा।
क्लेर की 59 साल की बेटी बताती हैं कि वो हमेशा से ही चाहती थीं कि उनकी मां अपनी ग्रेजुएशन पूरी कर लें। फिर एक दिन उन्होंने क्लेर को तोहफे में एक काले गाउन के साथ नॉर्थ रीडिंग पब्लिक स्कूल का डिप्लोमा उनके हाथ में थमा दिया।


