मधेश के १२ दलोे का बन सकता है नया मोर्चा….
धनजिव मिश्रा, भाद्र २५ वीरगंज// एैसे तो मधेश में कइ राजनैतिक और गैर राजनितीक शक्ती है, पर मधेश के कापीराइट का दावा मोर्चा करता रहा है। इसका कारण ये रहा कि मोर्चा के विकल्प मे अन्य शक्तीया अपनी उपस्थिती दर्ज कराने मे असफल रही। मधेश आन्दोलन के समय ४/४ दल के सहभागिता मे दो अलग-अलग मोर्चा बने हुए थे, सिर्फ सांसद वालो का ‘मोर्चा’ और सांसद और गैरसांसद वालों का ‘गठबंधन’, लेकिन आन्दोलन के अन्त मे गठबंधन को बिस्थापित करके ७ सांसद वाले दल एक मोर्चे मे चले गए । उसी गठबंधन के प्रमुख घटक जे.पी गुप्ता नेतृत्व का त.म.रा.अभियान ‘मोर्चा’ से अलग रहकर मोर्चा के कार्य के बारे मे खबरदार करते रहा है ।
सुत्रो से पता चला है, की मधेश आन्दोलन मे सक्रिय रहे १२ दल, जे.पी. गुप्ता नेतृत्व के तराई मधेश राष्ट्रीय अभियान, नन्दन यादव नेतृत्व के नेपाल समाजवादी पार्टी लोहीयावादी, अमर यादव नेतृत्व के तराई मधेश फोरम, बिकास तिवारी नेतृत्व के नेपाल सदभावना पार्टी गजेन्द्रवादी, गंगा महरा नेतृत्व के बहुजन समाज पार्टी, जिवन साह नेतृत्व के लोकतान्त्रिक पार्टी नेपाल, विरेन्द्र झा नेतृत्व के युनाइटेड पार्टी नेपाल, राजेश झा नेतृत्व के नेपाल युवा पार्टी, भरत महतो नेतृत्व के नेपाल जनता दल, रामबाबु यादव नेतृत्व के सोशलिष्ट रिपब्लिक पार्टी, और कौशल सिंह नेतृत्व के लोकदल है । यह सभी दल आन्दोलन मे अहम भूमिका निर्वाह किए है, और अपने-अपने इलाकों मे मजबुत दखल रखते है । इन १२ दलों का कल सोमवार के दिन वीरगंज मे बैठक रखा गया है, और उसी बैठक से नए गठबंधन की घोषणा हो सकता है ।

गैरसंसदीय दलों का आरोप है की मधेशी मोर्चा, मधेश के जनता, उधोगी-ब्यापारी, बुद्धिजीवी और कानुनविद्ध के राय मसौदा को नकारते हुए मधेश के हित बिपरीत जाकर सत्ता समिकरण मे उलझे हुए है , जिसके कारण आन्दोलन असफल हुआ और अब मधेश का मांग पुरा होने की सम्भावना न्यून हो चुकी है, इसलिए हम नए और बृहत् शक्तिशाली शक्ती के निर्माण मे लगे है । आशा है नए गठबंधन से मधेश को सही और गलत चुनने मे मदद मिलें ।



