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मधेश की समस्या का सामाधान खोजना जरूरी : प्रचंड

 

बिजेता चौधरी, काठमांडू, भाद्र २३

प्रधानमन्त्री बनने के बाद आज पहली बार व्यवस्थापिका संसद को सम्बोधन करते हुए प्रधानमन्त्री पुष्पकमल दाहाल प्रचण्ड ने मधेसवादी दल के साथ सहमति खोजने में और देर करना ठीक नहीं होगा बताया है ।

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संविधान कार्यान्वयन न होकर शुन्यता का माहौल सृजना हाने की आशंका बढ रहें वर्तमान परिस्थिति में मैं प्रधानमन्त्री के हैसियत से ये कहता हूँ की देश हम सभी का साझा है । मधेसवादी दल के साथ सम्बन्ध में तिक्तता थी । मैं भी मधेस से चूना गया प्रतिनिधि हूँ और हम सभी को बृहत हित के परिधि में रहते हुए समस्या का सामाधान खोजना है ।

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उन्होंने कहा सरकार ने सार्थक वार्ता का वातावरण बनाया है, साथ ही सरकार व आन्दोलनरत पक्ष बीच तिक्तता घटी  है कहते हुए कहा अब वार्ता में लम्बा समय बर्बाद करने का समय नहीं है । सहमति खोजने में और देर नहीं करना चाहिये ।

प्रधानमन्त्री दाहाल ने स्वयम प्रधानमन्त्री बन्ने के बाद भारत के साथ सम्बन्ध में सुधार आया है बताया । उन्होंने विदेशनीति आदेशमुखि व व्यक्तिमुखी नहीं सरकार दोनो पडोसी देश के साथ पारस्परिक लाभ के आधार पर सम्बन्ध आगे बढाता है बताया ।

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प्रधानमन्त्री पुष्पकमल दाहाल प्रचण्ड ने लाभहानी न देखते हुए स्थानीय तह का निर्वाचन में जाने के लिए सभी दलों को आग्रह किया हैं ।

व्यवस्थापिका संसद को आज पहली बार संबोधन करते हुए प्रधानमन्त्री दाहाल ने संविधान कार्यान्वयन करते हुए चुनाव में जाने के लिए आग्रह किया हंै । उन्होंने ०४७ साल माघ तक सभी को स्थानीय तह का निर्वाचन करना होगा बताया ।

प्रधानमन्त्री दाहाल ने कहा शान्ति प्रक्रिया का बाकी काम पुरा करना, संविधान का स्वीकार्यता और वृहत बनाना, सुशासन कायम करना, शिक्षा, स्वास्थ तथा सरसफाइ में सभी का पहुँच बढाने का विषय सरकार की प्राथमिकता का विषय है ।

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