अलेप्पो में करीब 20 लाख लोगों को पानी नहीं मिल रहा
बेरुत। सीरिया के उत्तरी शहर अलेप्पो में करीब 20 लाख लोगों को पानी नहीं मिल पा रहा है। बीते दो दिनों में सेना और रूस के हवाई हमलों में 72 लोग मारे भी गए हैं। इनमें कई महिलाएं और बच्चे हैं। इसके अलावा होम्स में सेना ने विद्रोही गुट फुरसान अल-हक का मुख्यालय ध्वस्त कर दिया है। यहां हवाई हमले में 22 लोगों के मरने की खबर है।
यूनिसेफ की सीरियाई दूत हाना सिंगर ने बताया कि गुरुवार की आधी रात को सेना की बमबारी में बाब अल-नैरब पंपिंग स्टेशन तबाह हो गया। यहां से विद्रोहियों के प्रभाव वाले पूर्वी इलाके में ढाई लाख लोगों को पानी की आपूर्ति की जाती थी। इसके जवाब में विद्रोहियों ने अपने इलाके में स्थित सुलेमान अल-हलाबी पंपिंग स्टेशन को बंद कर दिया है।
इसके कारण सरकार के नियंत्रण वाले पश्चिमी इलाकों में 15 लाख लोग पानी के लिए तरस रहे हैं। ढाई लाख लोग इस शहर में पहले से ही सेना की घेराबंदी के कारण खाद्य पदार्थों, पेयजल और दवाइयों की घोर किल्लत से जूझ रहे हैं। सिंगर ने कहा है कि बदले हालात के कारण लोग गड्ढों और कुओं का पानी पीने को मजबूर हैं। इससे बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ गया है।
अलेप्पो सीरियाई सेना और उनके खिलाफ संघर्षरत समूहों की लड़ाई का मुख्य केंद्र है। एक सप्ताह तक चला संघर्षविराम टूटने के बाद गुरुवार को सरकार ने पूरे शहर पर कब्जे का लक्ष्य तय करते हुए सेना को नए सिरे से हमले के आदेश दिए थे।
स्थानीय नागरिकों के अनुसार बीते दो दिनों में हुए हमले पांच साल से ज्यादा समय से जारी संघर्ष के भीषणतम हमले हैं। निगरानी संगठन सीरियन ऑब्जरवेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स के अनुसार रूस और सीरियाई सेना के हमले में शनिवार को 25 लोग मारे गए।
मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई गई है, क्योंकि कई लोग मलबे में दबे हैं। इससे पहले शुक्रवार को हवाई हमलों में सात बच्चों समेत 47 लोगों की मौत हो गई थी।

