छठ पश्चात् फिर से आन्दोलन : राजेन्द्र महतो , उपेन्द्र यादव

कैलास दास ,जनकपुर, कात्तिक १० । संघीय समाजवादी फोरम नेपाल के अध्यक्ष उपेन्द्र यादव और सद्भावना पार्टी के अध्यक्ष राजेन्द्र महतो ने कल्ह यहाँ कहा कि यह सरकार मधेशी जनता की माँग सम्बोधन के लिए इमान्दार नही दिखती है । हिन्दुओं का पर्व छठ तक अगर संसद में संविधान संशोधन विधेयक दर्ता नही कराया तो मधेश में आन्दोलन होगा इसमे कोई शंका नही किया जाए ।

जनकपुर में अलग अलग पत्रकार सम्मेलन में मोर्चा का दोनो नेता ने कहा कि यह सरकार संविधान संशोधन और मधेशी जनता का माँग सम्बोधन के लिए बनाया गया है । अगर यह सरकार भी संविधान संशोधन नही कर पाया तो ओली की सरकार जैसा है इस सरकार का हाल होगा । उन्होने यह भी कहा कि इस सरकार से आशा किया जा सकता है किन्तु विश्वास नही । इसलिए मधेश के जिलों में आन्दोलन की व्यापक तैयारी किया जा रहा है ।
पत्रकार सम्मेलन में फोरम अध्यक्ष यादव ने कहा कि अभी तक ६ बार संविधान निर्माण हो चुका किन्तु दलीय और सत्ता स्वार्थ के कारण कोई भी संविधान टिकाउन नही बन सका । यह संविधान भी जातीय, दलिय और एक समुदाय के लिए बनाया गया है । यह संविधान को संशोधन किया जाए वा पुर्नलेखन किया जाए तभी यह सविधान स्वीकार होगा नही तो कार्यान्वयन के लिए दिव्या स्वपन देखने जैसा ।
उन्होने यह भी कहा कि छठ के बाद समर्थन फिर्ता लेकर जब तक मांग सम्बोधन नही होगा आन्दोलन नही रुकेगा । देश को संकट की ओर ले जाने में यही तीन बडा दल सबसे बडा दोषी है आरोप भी लगाया ।
अख्तियार का प्रमुख लोकमान सिंह के अभियोग के सम्बन्ध में प्रश्न करने पर उन्होने कहा कि हमने भी पत्रपत्रिका के मार्फत जानकारी पायी है । जब तक सरकार पुरी जानकारी नही कराऐंगे तब तक इस विषय हम कुछ नही कह सकते है ।
उन्होने यह भी कहा की भारत का राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी आ रहे हैं यह जनकपुरवासी के लिए सबसे बडी बात है । इनका स्वागत भव्यता का साथ ही नही ऐतिहासिक बनाने का जिम्मेवारी धनुषावासी का है । उधर सद्भावना अध्यक्ष राजेन्द्र महतो ने कहा कि अगर भारत का राष्ट्रपति मुखर्जी को जनकपुर आने से किसी प्रकार का विभेद किया गया तो कडा रुपमें प्रतिकार करेंगे ।

