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मैथिली बोलनेवाले पहाड़िया और टोपी वाले मधेशिया बहुत ही खतरनाक होता है : उपेन्द्र यादव

 

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१९ कात्तिक, काठमाडौं । विहीबार साम को  हायत होटल में जब भारतीय राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी और नेपाली कांग्रेस के नेताओं के बिच बातचित हो रही थी उस समय दुसरे रूम में एमाले और मधेसी मोर्चा के नेतागण इंतजार कर रहे थें |

मुखर्जी से भेट करने के लिये लाइन में एमाले अध्यक्ष केपी ओली से लेकर फोरम अध्यक्ष उपेन्द्र यादव तक थे । इसीक्रम में उस रूम में एमाले और मधेसी मोर्चा के नेता के वीच हँसी-मजाक और  छेडखानी शुरू हुई |   बातचित के क्रम में ही व्यंग्य वाण प्रहार भी होने लगा।

मधेसी मोर्चा के नेता शरतसिंह भण्डारी एमाले नेतृ अष्टलक्ष्मी शाक्य के बगल में बैठे थे | कुछ ही देर में भण्डारी उपेन्द्र यादव के सोफा में आकर बैठ गयें ।

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भण्डारी को अपने नजदीक आते देख कर उपेन्द्र ने कहा – ‘शरदजी एमाले के साथ कहाँ बैठ सकते हैं ! अंतत: अब ठीक जगह पर आ गयें ।’
पूर्व एमाले नेता भी रह चुके यादव ने आगे कहा – ‘एमाले के साथ जब हम नही रह पाये तो शरदजी कहाँ रह सकते हैं ।’

यादव जब एमाले पर व्यंग्य वाण छोड़ रहे थे तो उधर से एमाले उपाध्यक्ष भीम रावल इसके प्रतिवाद में उतरे । रावल ने कहा- ‘ जब ये बात है तब मैं ही उधर आकर बैठता हूँ आपलोगों के बिच में ?’

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‘टिट फर ट्याट’ जवाब देने में माहिर संघीय गठबन्धन के नेता उपेन्द्र यादव ने रावल को तुरन्त कहा कि -‘तबतो एमाले आप पर कार्बाई ही करे देगी न !’

सवाल जवाब के ही क्रम में उपेन्द्र ने मधेस की एक ‘कहावत’ सुनया । उन्होंने कहा कि ‘मधेस में एक कहावत है,  मैथिली बोलने वाले पहाड़िया और टोपी लगाने वाले  मधेशिया बहुत ही खतरनाक होता है (मैथिली बोल्ने पहाडिया र टोपी लगाउने मधेसिया बहुत खतरनाक हुन्छन्) ।’
उपेन्द्र की यह बात सुनकर एमाले अध्यक्ष केपी ओली मजाक की शैली में ही पूछे – ‘ आप यह बात किसको कहना चाहतें हैं ?’

एमाले नेता माधवकुमार नेपाल भारतीय राष्ट्रपति मुखर्जी से सुबह में ही मिल चुके थे इसलिए वे ओली की टोली में सामिल नहीं थें।

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एमाले की टोली में वहाँ  केपी ओली, भीम रावल, अष्टलक्ष्मी शाक्य, भीम रावल और डा. राजन भट्टराई थे ।

मधेसी मोर्चा की ओर से महन्थ ठाकुर, उपेन्द्र यादव, महिन्द्र राय यादव, राजेन्द्र महतो, अनिल झा और राजकिशोर यादव हायत होटल में पहुँचे थे ।

‘वेटिङ रुम’ में  एमाले और मधेसी मोर्चा के नेताओं के बिच कोई गम्भीर राजनीतिक वार्तालाप नही होने की जानकारी एमाले के एक नेता ने बतायी ।

यह खबर आज के अनलाइनखबर में छपी है |

फाइल फोटो

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