Exclusive: चीन की चिंता में लिखी चिट्ठी
नई दिल्ली.सरकार यह पता लगाने में जुट गई है कि सेना प्रमुख वीके सिंह का प्रधानमंत्री को लिखा पत्र लीक कैसे हुआ? लेकिन वह जनरल द्वारा उठाए मुद्दों का सामना करने से बच रही है।
सेना प्रमुख की ओर से प्रधानमंत्री को लिखे पत्र से स्पष्ट है कि उसे चीन को दिमाग में रखकर ही लिखा गया। पत्र में सीधे तौर पर चीन की तैयारियों के मुकाबले भारत की तैयारियों को रखा गया है। यह भी कहा है कि नौकरशाही ही भारत के रक्षा तंत्र के आधुनिकीकरण में अड़ंगे डाल रही है।
जनरल सिंह ने लिखा, ‘तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में चीन खुलेआम निर्माण कार्य कर रहा है। वहां भारतीय सेना की मौजूदगी संतोषजनक नहीं है। भारत की सैन्य तैयारियां खोखली हैं।’ सिंह ने पत्र में संचालन मुद्दे या गोपनीय बातों का संदर्भ नहीं दिया। पत्र के जरिए वह सच सामने लाया गया है, जिससे भारत 1962 से बचता रहा है। उस समय चीन ने अरुणाचल के कुछ हिस्सों, जम्मू-कश्मीर के पूर्वी हिस्सों व असम की चोटियों पर कब्जा कर लिया था।
चीन से लड़ने के लिए और मदद की दरकार
– 1200 करोड़ रुपए की जरूरत माउंटेन स्ट्राइक फोर्स के गठन के लिए।
– सिलिगुड़ी से उत्तरी सिक्किम तक उपयोगी सड़क की जरूरत।
– रणनीतिक रूप से अहम रेलवे लाइन विकसित करने के लिए पैसा।
– बीआरओ को आधुनिक उपकरण और अधिक अधिकार की जरूरत।
– आईटीबीपी सेना के नियंत्रण में हो, गृह मंत्रालय पीछे हटे।bhaskar.com

