भूटान की महारानी पहुंची बिहार, किया विश्वप्रसिद्ध केसरिया बौद्धस्तूप का दर्शन
*पटना.मधुरेश*- ३ जनवरी |भूटान की महारानी राजमाता अॉसी दोरजी वांग मोंग चॉक ने मंगलवार को बिहार के पूर्वी चंपारण जिले अन्तर्गत केसरिया पहुंच कर विश्वप्रसिद्ध बौद्धस्तूप का भ्रमण-दर्शन किया। भारी सुरक्षा के बीच अपने तीन वर्षीय पुत्र के साथ बौद्धस्तूप की पूजा-अर्चना के बाद महारानी ने कहा कि केसरिया का बौद्धस्तूप अपने आप में अनोखा है। महारानी ने कहा कि अपने जीवन में शांति की इच्छा रखने वाले सभी मानव मात्र को कुछ समय बौद्धस्तूप की छांव में जरुर बिताना चाहिए। भगवान बुद्ध के सिद्धांतों को मानव समाज के लिए उपयोगी बताते हुए उन्होंने मानवता के कल्याण के लिए लोगों से सत्य और अंहिसा को अपनाने का आग्रह किया। अपने तीन वर्षीय पुत्र अॉसी सोनम वांग मोंग चॉक को अलौकिक बताते हुए महारानी ने कहा कि उनका यह पुत्र पूर्व जन्म में बिहार के नालंदा विश्वविद्यालय का प्रोफेसर एवं बौद्ध धर्म के बड़ा प्रचारक था। उसने अपने पूर्व जन्म में तिब्बत जाकर बौद्ध धर्म का प्रचार-प्रसार किया था। महारानी के मुताबिक नालंदा पहुंचते हीं उनके इस छोटे से पुत्र ने अपने पूर्व जन्म से जूड़ी वहां की यादों को ताजा कर दिया। उसने उन सभी स्थानों को पहचाना जहां वह पूर्व जन्म में एक प्रोफेसर के रुप में रहता था। बौद्ध सर्किट से जूडे़ बोधगया, नालंदा और वैशाली के भ्रमण के उपरांत केसरिया पहुंची महारानी यूपी के कुशीनगर के लिए प्रस्थान कर गयी। भूटान की महारानी के आगमन पर चंपारण सीमा से लेकर बौद्धस्तूप परिसर तक सुरक्षा व्यवस्था की कमान पुलिस इंस्पेक्टर सत्येन्द्र कुमार सिंह के नेतृत्व में केसरिया के थानाध्यक्ष जीतेन्द्र देव दीपक एवं दारोगा अवधेश कुमार सिंह ने सशस्त्र बल के साथ संभाल रखा था।


