बेगैर संशोधन चुनाव असंभव : मधेशी मोर्चा

हिमालिनी डेस्क,काठमांडू, १८ फरवरी ।
सत्तारूढ़ प्रमुख दलों और संयुक्त लोकतांत्रिक मधेशी मोर्चा के बीच स्थानीय तह के चुनाव, संविधान संशोधन लगायत मुद्दों पर आज विचार विमर्श हुआ ।
प्रधानमंत्री पुष्पकमल दाहाल प्रचंड की पहलकदमी में बालुवाटार में हुए विचार विमर्श में प्रधानमंत्री पंड ने संविधान संशोधन और चुनाव को साथ साथ आगे बढ़ाने का प्रस्ताव रखा था पर मोर्चा ने इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया ।
प्रधानमंत्री के निजी सचिवालय से मिली जानकारी के मुताबिक दोनों पक्षों के अपनी अपनी अड़ान पर काबीजÞ रहने की वजह से कोई सहमति नहीं बन पाई ।
प्रधानमंत्री ने फागुन १० गते होने वाली संसद बैठक में संविधान संशोधन प्रस्ताव को आगे बढ़ाए जाने की जानकारी देते हुए चुनाव की तिथि घोषणा का समर्थन करने का आग्रह किया था । जवाब में मोर्चा के नेताओं ने संविधान संशोधन का का निराकरण न होने तक चुनाव में शामिल न हो सकने की बात कही थी ।
बैठक में प्रधानमंत्री प्रचंड समेत नेपाली कांग्रेस के महामंत्री डॉ. शशांक कोइराला, उप–प्रधान एवं गृहमंत्री विमलेंद्र निधि, मोर्चा के नेता गण उपेंद्र यादव, महंथ ठाकुर, राजेंद्र महतो, अशोक राई लगायत उपस्थित थे ।

