रंजीत जी नेपाल में सर्वोत्तम राजदूत के रुप में रहे : प्रेम लस्करी
काठमंडू, 24 फरवरी । भारतीय राजदूत महामहिम रंजीत राय जी नेपाल आने से पूर्व विदेश मंत्रालय में नेपाल–भुटान डेस्क के प्रमुख में सेवारत थे । इसलिए उन्हें नेपाल के बारे में नजदीक से अवलोकन करने का मौका मिला । रंजीत जी बड़े भाग्यशाली हैं । क्योंकि इन्हीं के कार्यकाल में दो–दो बार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी और राष्ट्रपति महामहिम प्रणव मुखर्जी जी की नेपाल में विजिट हुई । उस समय भी उन्होंने दोनों देशों के संबंधों को प्रगाढ़ बनाने में अहम भूमिका निभायी । इसके अतिरिक्त इन्हीं के कार्यकाल में भारत से सबसे ज्यादा सहयोग÷प्रोजेक्ट नेपाल में आया और क्रियान्वित भी हुआ । इस प्रकार हम देखते हैं कि रंजीत जी को ही सबसे ज्यादा कार्य करने का सुअवसर मिला और हर कार्य को बड़ी सूझबूझ के साथ विवाद रहित ढंग से संपन्न भी किया । इसी प्रकार नेपाल में हुए महाविनाशकारी भूकंप के समय में भी इन्होंने सीधा भूंकप पीड़ितों के लिए रेस्क्यू का कार्य किया । काम करते वक्त उन्होंने नाम की कभी परवाह नहीं की । इसी दौरान उन्होंने अहम भूमिका निभायी, जिसे भुलाया नहीं जा सकता है । मधेश आन्दोलन के दौरान भी, नेपाल–भारत के संबंधों में जो उतार–चढ़ाव आया था, उसे भी उन्होंने अपनी सूझबूझ व समझदारी से उसे निपटाया । उन्होंने अपना विश्वास कभी नहीं खोया, शांति से काम करते रहे । फलतः उसमें बहुत सुधार आया है ।
मैं संस्मरण कराना चाहूंगा कि नेपाल–भारत मैत्री समाज को १७ साल हो गए । सबसे ज्यादा काम करने का मौका इन्हीं के कार्यकाल में इसलिए मिला कि उससे पूर्व जो काम हम किए थे, उस काम को उन्होंने बहुत ही एप्रीसिएट किया । उन्होंने कहा कि आपको और काम करना है करो, हम मदद करेंगे । और मदद की भी । हमारे छोटे–छोटे कार्यक्रमों में भी वे आते थे । हमने अपनी संस्था की ओर से बहुत काम कर चुके हैं । जैसे वाचनालय का निर्माण, पानी टंकी वितरण, आश्रमस्थल, स्कूलों का पुनर्निर्माण, मन्दिरों का जीर्णोंद्धार आदि । इनके अतिरिक्त समसामयिक विषयवस्तुओं पर अन्तरक्रिया, संवाद÷परिसम्वाद, सेमिनार, कांफ्रेंस आदि कार्यक्रमों का आयोजन भी कर चुके हैं ।
फिलहाल हमने अनौपचारिक रुप से ‘नेपाल–भारत थिंक टैंक’ भी गठन किया है । इसमें नेपाल व भारत के पूर्व राजदूत व पूर्व विदेशमंत्री शामिल हैं । इस संस्था की ओर से विभिन्न समसामयिक विषयों पर अभी तक पाँच–छह बैंठकें भी हो चुकी हैं । संस्था की स्थापनाकाल से अभी तक अर्थात् १७ सालों में हमने बहुत कार्य किया है । हमारा काम देखकर महामहिम जी ने पद्मश्री अवार्ड के लिए दो–बार सिफारिश भी कर चुके हैं । मैं समझता हूँ कि काम करनेवालों के लिए वे कद्र भी करते हैं ।
सामाजिक कार्यों में पैंतालीस साल का अनुभव रहा है मुझे नेपाल में, तो मैत्री समाज के व्यू ऑफ प्वाईन्ट से गर्व के साथ कहना चाहूंगा कि महामहिम रंजित जी नेपाल में सर्वोत्तम राजदूत के रुप में रहे । और उनकी कार्यक्षमता भी सबसे अच्छी रही ।
(प्रेम लस्करी नेपाल–भारत मैत्री समाज के अध्यक्ष हैं ।)


