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विपरित परिस्थितियों में श्री रंजीत जी ने गजब धैर्य का परिचय दिया : डॉ. श्वेता दीप्ति

 

Ranjit Ray

श्वेता दीप्ति, काठमांडू, २८ फरवरी | कई मरतबा आप का व्यक्तित्व खुद आपका परिचय देता है । क्योंकि चेहरा खुद बोलता है । भारतीय राजदूत महामहिम रणजीत राय जी की शख्सियत भी कुछ ऐसी ही है । शांत और सौम्य व्यक्तित्व खामोशी में भी बोलती हुई आँखें, चेहरे पर मृदुल मुस्कान और शांत तथा सहज व्यवहार ये सारी बातें तालुकात रखती है, श्रद्धेय रणजीत राय जी से । जब भी उनसे मिली एक सहज–सी मुस्कान भी उनके चेहरे पर खिल गई यही सहजता व्यक्ति को खास बनाती है ।
अपने कार्यकाल में कई उतार–चढ़ाव को उन्होंने देखा । नेपाल और भारत की मित्रता को कई कसौटी पर कसा जाता रहा है । नेपाल और भारत का रिश्ता जितना सहज है, उतना ही दुरुह भी । जहां अपनत्व है, तो वहाँ परायापन भी है । नेपाल की धरती पर भारत के हर कार्य को सशंकित नजरों से दखा जाता रहा है । नेपाल के लिए उठाया गया हर कदम भारत के लिए आलोचनाओं का सफर होता है । ऐसी परिस्थियों में भारत के किसी भी कूटनीतिज्ञ का नेपाल में राजदूत बन कर आना चुनौतियों से भरा हुआ होता है । क्योंकि भारतीय हर पहल यहाँ स्पष्टीकरण देना होता है, यकीन दिलाना होता है जो सहज नहीं होता ।
श्री राय के कार्यकाल में कई ऐसे अप्रिय दौर आए जहाँ उन्हें आलोचनाओं का शिकार होना पड़ा यहाँ तक कि नेपाल से उनकी वापसी का भी सवाल उठाया गया । किंतु ऐसी अप्रिय माहोल में भी श्री राय ने गजब धैर्य का परिचय दिया । कई बार संचार माध्यम में कटु सवालों को झेलने की नौबत उनके सामने थी किन्तु एक मृदुल मुस्कान हमेशा उनके चेहरे पर खेलती रही, जो निश्चय ही एक कूटनीतिज्ञ की सबसे बड़ी खासियत होती है । मधेश आन्दोलन के समय में भारत, भारतीय दूतावास और भारतीय राजदूत ने जितनी आलोचनाओं को झेला, वह निश्चय ही एक कठिन दौर था, बावजूद इसके श्री राय ने अपनी संयमता और धैर्य का उदाहरणीय परिचय दिया ।
नेपाल, जिस वक्त प्राकृतिक आपदा के दौर से गुजर रहा था, उस वक्त भी भूकम्प पीडितों के समक्ष श्री राय की उपस्थिति आत्मीय स्वजन की रही । भारत के प्रतिनिधि की तौर पर उनका योगदान अविस्मरणीय रहेगा । उस अफरा–तफरी के माहौल में काठमांडू हो या भूकम्प पीडि़त दुर्गम क्षेत्र, हर जगह उनके प्रतिनिधित्व में सहयोग पहुँचाया गया ये और बात है कि उस वक्त भी आलोचनाओं ने पीछा नहीं छोड़ा ।

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डॉ. श्वेता दीप्ति
डॉ. श्वेता दीप्ति

खैर, जो काम करते हैं, वही आलोचनाओं के शिकार होते हैं । नेपाल के सन्दर्भ में आपकी सहयोगी भूमिका हमेशा अविस्मरणीय रहेगी । आपके सु–स्वास्थ्य और सफल मंगलमय जीवन की शुभ कामना है । आपने हर चुनौतियों का सामना अत्यन्त समझदारी के साथ किया है और उनके इस सफल कार्यकाल में उनका विशेष साथ डी.सी.एम. विनय कुमार जी ने दिया है । आपने हर कदम पर राजदूत महोदय का साथ दिया है । ऐसे भी हर व्यक्ति एक टीम को लेकर ही कार्य करता है और उसे सफलता के अंजाम तक पहुँचाता है ।
नेपाल की राजनीति और इसके अलावा भी हर क्षेत्र श्री राय को हमेशा याद रखेगा । आपके सु–स्वास्थ्य और सफल मंगलमय की कामना है । हिमालिनी परिवार आपके उत्तरोत्तर प्रगति की शुभकामना करती है । आप जहां भी रहे, जिनके भी बीच रहें सानन्द रहें और उत्तरोत्तर प्रगति को प्राप्त करें ।

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