राज नेता गजेन्द्र बाबु की जन्म जयन्ती मनाया गया
मधेस के राजनेता गजेन्द्र नारायण सिंह जी के ८८वाँ जन्म जयन्ती आज एक कार्यक्रम के बीच सप्तरी मे मनाया गया ।
गजेन्द्र नारायण सिंह ग्रामीण जागरण प्रतिष्ठान द्वारा आज सप्तरी भारदह मे ”मधेस आन्दोलन की आगामी दिशा और दशा सम्बन्धि गोष्ठी कार्यक्रम आयोजना कर गजेन्द्र बाबु की जन्म जयन्ती मनाया गया । 

गजेन्द्र नारायण सिंह ग्रामीण जागरण प्रतिष्ठान के अध्यक्ष कुबेर कुमार यादव की अध्यक्षता मे आयोजीत उक्त कार्यक्रम मे ने. स. पा. गजेन्द्रवादी के राष्टिय अध्यक्ष श्री विकास तिवारी जी प्रमुख अतिथी थें । कार्यक्रम में प्रमुख वक्ता विकास तिवारी जी एवं वक्ता भगेन्द्र सर्मा, संकर खडगा, जय सुन्दर विराजी, विद्यार्थी वक्ता अभिनन्दन मिश्र और बैजू दास तथा पत्रकार राजू सर्मा ने मन्तव्य व्यक्त किया ।
मधेशीयों की पहचान के लिए अपना सम्पूर्ण राजनैतिक जीवन व्यतित करनेवाले गजेन्द्र बाबु की जन्म वि. स. १९८५ चैत रामनवमी तिथी के दिन सप्तरी कोईलाडी गाँऊ मे हुआ
गजेन्द्र बाबू ने अपने राजनैतिक जीवन कि शुरुआत नेपाल के राणाशासकों से लडते हुए कि । १७ वर्षकि उमर मैं २००६ साल मे वो पहिल बार जेल गए । तब से लोकतन्त्र और समता के लिए संघर्ष कर्ते रहे और उस दौरान मे कई बार जेल गए । उसि क्रम में २०१७ से २०३५ साल तक उन्हें भारत में निर्वाशीत होकर रहना पडा । मधेशियों को अधिकार दिलाने के लिए उन्होंने २०४० साल में नेपाल सदभावना परिषद का गठन किया । २०४७ साल बैशाखमे उसे सदभावना पार्टी बनाया । २०४६ साल के आन्दोलन के वाद जब वें काठमाण्डू मे मधेशियों कि प्रथम आमसभा कर रहे थे, तब नेपालियों ने मधेशियों पर जमकर हमला कर दिया। नेपालि लोग मधेशियों पर ईट – पत्थर बर्साने लगे । कई लोग घायल हुए ।मधेशी लोग उहाँ पर सभा नहि कर सके ।
गजेन्द्र बाबू आजिवन मधेशियों को अधिकार दिलानेके लिए संघर्ष कर्ते रहे । आज मधेस की सक्रीय राजनीति गजेन्द्र बाबू की संघर्ष का उपज है । मधेसी अधिकार और पहचान के लिए कठीन जीवन की यात्रा करनेवाले मधेस के महान हस्ति गजेन्द्र बाबू
वि. स. २०५८ साल में सदा सदा के लिए मधेस की धरती से बिदा लेते हुए ईस संसार को छोडकर परलोक सिधार गए ।
मधेस के महान हस्ति मधेस के मसिहा बीर मधेसी पुत्र गजेन्द्र बाबू को शतशत नमन |

