Wed. Apr 22nd, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

वी.पी.के.एफ. द्वारा नेपाल और भारत के बीच धार्मिक पर्यटन की सम्भावनाओं पर कार्यक्रम

 

Rubi jasprit sharma and adiity baral

बैसाख ११ गते । वी.पी कोइराला फाउन्डेशन द्वारा नेपाल और भारत के बीच धार्मिक पर्यटन की सम्भावनाओं पर सोमवार अपराह्न भारतीय पुस्तकालय के सभाकक्ष में कार्यक्रम आयोजित किया गया । कार्यक्रम में पर्यटन विभाग के वरिष्ठ निदेशक आदित्य वराल ने २०१६ में किए गए स्थलगत अध्ययन के आधार पर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की । २०१६ में किए गए अध्ययन के आधार पर नेपाल में आने वाले पर्यटकों की संख्या लगभग ५३८९७० थी जिसमें २० प्रतिशत पर्यटक भारत से आए थे । इस अनुपात में नेपाल से भारत जाने वालों की संख्या कम होती है ।

यह भी पढें   सिरहा जेल में कैदियों के बीच हिंसक झड़प, २२ बंदी हिरासत में

 

उक्त रिपोर्ट महेन्द्रनगर, धनगढी, नेपालगंज, भैरहवा, वीरगंज, जनकपुर, विराटनगर, झापाकृष्णनगर, कपिलवस्तु, गुलरिया, बर्दिया, पशुपतिनगर, दांग आदि पर्यटकीय स्थानों के अध्ययन पर आधारित था । रिपोर्ट में उल्लेख किया था कि दोनों देशों के बीच साँस्कृतिक और धार्मिक पर्यटन की अनन्त सम्भावनाएँ हैं जिन्हें विस्तारित करने की आवश्यकता है । अयोध्या, वाराणसी, दरभंगा, हरिद्वार, पशुपति, बौद्ध आदि जगहों पर दोनों देशों को पर्यटन की दृष्टि से ध्यान देने की आवश्यकता है । दर्शक दीर्घा से शेखर खरेल, सुजीत कुमार झा, रामगोपाल यादव तथा अखिलेश्वर प्रसाद सिंह ने अपनी बातें रखीं जिसमें मुख्यतः पर्यटन स्थल और सीमा पर सफाई, यातायात शल्क की निरन्तर बढोत्तरी, पर्यटकों के सही आँकड़ों पर ध्यान देने की बात कही । कार्यक्रम में पीआइसी विंग की द्वितीय सचिव रुबी जसप्रीत शर्मा जी ने आदित्य बराल को सम्मानित किया और धन्यवाद ज्ञापित किया ।

यह भी पढें   मनुमुक्त 'मानव' मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा स्मृति-समारोह आयोजित *राजेंद्रसिंह रावल को मिला 11,000/- का मातादीन-मूर्तिदेवी स्मृति-पुरस्कार

DSCN5455 DSCN5456 DSCN5457 DSCN5458 20170424_152904

 

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *