Sat. Jul 11th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

मोरंग व्यापार संघ की चुनाव में पवन शारडा पैनेल की जीत

 

sharadapanel

माला मिश्रा, विराटनगर , ८ मई | नयी कार्यकारिणी में तीसरा पीढी का युवा सदस्यों की आधिक्य  | नेपाल की सबसे पुरानी उद्योग-बाणिज्य चेम्बर मोरंग ब्यापार संघ की ३१वीं साधारण सभा के द्वारा निर्वाचित नयी कार्यकारिणी में पहले से अध्यक्ष पद पर आसीन पवन कुमार शारडा के पैनेल का जीत हुआ है। प्रतिद्वंद्वी समूह के उम्मीदवारों से विजेता शारडा पक्ष के उम्मीदवारों को बहुत अधिक मत प्राप्त हुए हैं। मोरंग ब्यापार संघ की ६६ वर्ष के इतिहास में पहली बार उद्योगी-व्यवसायी नेतृत्वकर्ताओं के बीच अपनी जीत के लिये मतदाताओं को अपने पक्ष में मत डालने के अलावे अन्यान्य तरहकी प्रतिस्पर्धात्मक प्रदर्शन भी देखने को मिला।

संघ का इतिहास रहा है कि या तो सहमति के आधार पर निर्विरोध ही कार्यसमिति चुना जाय या फिर निर्वाचन की सभी प्रक्रियाओं को पूरा करके ही कार्यकारिणी सदस्यों को अन्य सदस्य लोग अपने मतों से चुनें। इस प्रकार चुनी गई कार्यकारिणी सदस्यों के बीच आपसी सहमति या फिर मत के आधार पर पदाधिकारियों का चुनाव किया जाता है। इससे पहले की कार्यकारिणी और पदाधिकारी जिसमें खुद पवन शारडा को अध्यक्षता का भार दिया गया था वह आपसी सहमति के आधार पर निर्विरोध बिना किसी चुनाव के हुए थे।

यह भी पढें   एनपीएल के तीसरे संस्करण के लिए निलामी, लुम्बिनी लायंस ने ४४ लाख तथा काठमांडू गोर्खाज ने १७ लाख रुपये किए खर्च

sharada

इस बार जबकि पवन शारडा दुबारा चुनाव लड़ने के मूड में नहीं थे, परन्तु आपसी सहमति के अभाव में संघ की मर्यादा को कोई नुकसान न पहुँचे इसी सोच के साथ उन्होंने दुबारा अपनी उम्मीदवारी दी। हिमालिनी से बातचीत में उद्योगपति शारडा जो कि नेपाल के सांसद भी हैं उन्होंने कहा कि आखिरी समय जब चुनाव एकमात्र विकल्प बचा तो संघ की मर्यादा और उद्योगी-व्यवसायियों के हित के लिये उन्होंने अपनी उम्मीदवारी देकर फिर से सहमति बनाने का प्रयास किये, लेकिन प्रतिद्वंद्वियों को यह मंजूर नहीं होने के कारण चुनाव कराना ही पड़ा। चुनाव में जीत का श्रेय उद्योगी-व्यवसायियों को देते हुए शारडा ने फिर से उनके नेतृत्वपर भरोसा करने के लिये आभार प्रकट किया।

यह भी पढें   कांग्रेस ने की संविधान संशोधन को लेकर अपनी धारणा सार्वजनिक करने की तैयारी

देर रात साढे ग्यारह बजे मतगणना पूरा होने के बाद के परिणाम प्रतिद्वंद्वियों पर भारी पड़ा। कुल १९ पदों में १६ पदों पर शारडा पक्ष ने जीत हासिल की। इतनी बड़ी जीत से उत्साहित होकर हिमालिनी से अपना अनुभव और प्रतिबद्धता के शब्द कुछ इस तरह रखे, “पहली बार निर्विरोध चुना गया था, इस बार निर्वाचन की सारी प्रक्रियाओं को पूरा करके निर्वाचित होने का अलग ही उत्साह है। नयी टीम में नये युवा पीढी के सदस्योंकी संख्या भी अधिक है। इन युवा शक्तियों के भावनानुरूप आधुनिकीकरण करते हुए उद्योगी-व्यवसायीका हक-हित के लिये काम करने के लिये प्रतिबद्ध हूँ। दुबारा जो अवसर इनलोगों ने मुझे प्रदान किया है इसके लिये सभी का आभारी हूँ। आगे संघ की मर्यादा को बढाने का कार्य करूँगा, सभीको साथ लेकर काम करूँगा।”

यह भी पढें   काठमांडू के वीर अस्पताल के सामने प्रदर्शन

स्पष्ट है कि पहले से अध्यक्ष रहे पवन शारडा ही एक बार फिर से अध्यक्षता का भार ग्रहण करेंगे फिर भी औपचारिक घोषणा होना बाकी है। यह उनका दूसरा कार्यकाल होगा।

विजयी हुए शारडा समर्थक अनिल शारडा, अनुपम राठी, दीपेश सुवेदी, देवाशिष गोल्छा, पवन राठी, ललित बोहरा, सुनिल टिवड़ेवाल, (सभी उद्योग से) तथा अनिलकुमार शाह, नवीन रिजाल, पीयूष तोदी, प्रकाश मुन्धड़ा, विकासकुमार बेगवानी, मनीषकुमार मारु, मुकेशकुमार राठी एवं सुशीलकुमार जोशी (सभी वाणिज्य क्षेत्र से) हैं । वस्तुगत निकाय में प्रतिद्वंद्वी राउत पक्षके सुनिल बिड़ला तथा राजन श्रेष्ठ और शाखा सदस्य के रूप में ओमप्रकाश श्रेष्ठ सहित तीन लोग अन्य विजेताओं में से हैं। बाकी और भी २ सदस्य जिन्हें मनोनीत किया जाएगा इनके सहित २१ सदस्यों की पूरी कार्यकारिणी अगले २ साल के लिये संघ को नेतृत्व प्रदान करेंगे।

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *