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विहार सरकार नें गंगा में जहाज चलाने पर क्यों लगाया प्रतिबन्ध ?

 

हिमालिनी डेस्क
काठमांडू, १७ मई ।
गंगा की दुर्दशा, घटता पानी और बढ़ती रेत के बीच केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जल परिवहन परियोजना को एकदूसरे से जोड़ते हुए बिहार सरकार ने साफ कर दिया है कि वो किसी भी सूरत में गंगा में जहाज चलाने की अनुमति नहीं देगी । इसके लिए वो सुप्रीम कोर्ट तक जाने को तैयार है । गंगा की दुर्दशा और इसके लिए उपाय करने के लिए देश और दुनिया को जगाने के लिए बिहार सरकार दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में १८ और १९ मई को एक कान्फ्रेंस करने जा रही है ।

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बिहार के जल संसाधन मंत्री राजीव रंजन सिंह ने कहा कि पहले ही गंगा में गाद की जबरदस्त समस्या है । ऐसे में गंगा में पांच से दस मीटर तक ड्रेजिंग यानी खुदाई करना इसकी सेहत पर गंभीर परिणाम डालेगा । क्योंकि तब खुदाई की मिट्टी भी गंगा जल में गाद बनाएगी । ऐसे में राज्य में बाढ़ की समस्या और गंभीर होगी । लिहाजा बिहार सरकार इस बात की कतई इजाजत नहीं देगी कि बिना गाद निकाले गंगा को और तबाह किया जाए ।

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गंगा के बहाव में रुकावट की दशा ये है कि बक्सर में बिहार में प्रवेश करने वाली गंगा ज्ञण्द्द किलोमीटर दूरी तय कर पटना के गांधी घाट तक पहुंचती है तो चार घंटे लगते हैं, लेकिन भागलपुर पहुंचते पहुंचते नदी थक जाती है । भागलपुर से फरक्का तक १७२ किलोमीटर का सफर चार दिन में तय करती है । अब तो अंदाजा लगाया ही जा सकता है कि विकास के नाम पर गंगा की क्या दशा हो गई है ।

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