Sun. Aug 23rd, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

संस्कृत के प्रकाण्ड विद्वान जनार्दन घिमिरे के निधन पर शोकसभा का आयोजन

 

काठमान्डू ,मई १९ ,आर एन यादव | संस्कृत के प्रकाण्ड विद्वान तथा संस्कृत केन्द्रीय विभाग त्रिविवी के उप प्राध्यापक जनार्दन घिमिरे के असामयिक निधन पर १८ मई को त्रिविवी में शोक सभा का आयोजन किया गया था |
इस अवसर पर संस्कृत केन्द्रीय विभाग के विभागाध्क्ष प्रो.डा.नारायण प्रसाद उपाध्याय ने संस्कृत केन्द्रीय विभाग के उपप्राध्यापक तथा संस्कृत भाषा का प्रकांड विद्वान जनार्दन घिमिरे के निधन पर दुख जताया है | उन्होने कहा कि जनार्दन घिमिरे संस्कृत भाषा और समाज सेवा को अपने जीवन में काफी महत्व दिया | डा. उपाध्याय ने दिवंगत आत्मा को शांति और शोक संतप्त पारिवारिक जनों को धैर्य धारण की क्षमता प्रदान करने के लिए ईश्वर से कामना की |
मौके पर संस्कृत विभाग के प्रो. माधव प्रसाद उपाध्याय ने जनार्दन घिमिरे के निधन से संस्कृत विभाग व त्रिभुवन विश्वविधालय ही नहीं वल्कि  संस्कृत जगत को अपूरणीय क्षति हुई है | दोलखा जीले मे संस्कृतग्राम बनाने के लिए उनकी योजना थी,लेकिन वह योजना अब सफल नहीं हो पाएगी |उन्होने संस्कृत भाषा के साथ् सामाजिक क्षेत्रों में भी लोकप्रियता हासिल की थी | प्रो. उपाध्याय ने दिवंगत आत्मा की चिर शांति व उनके परिजनो ,अनुयायियों व प्रशंसको को दुख की इस घडी में धैर्य धारण करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है |
प्रजातंत्रवादी प्राध्यापक संघ के केन्द्रीय अध्यक्ष प्रो. रामेश्वर उपाध्याय ,विश्वविधालय कैम्पस के प्रिन्सिपल ,विभिन्न संघ -संगठन के पदाधिकारियों ने स्व. जनार्दन घिमिरे के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की |

यह भी पढें   देवानगंज में हुई सांप्रदायिक झड़प और सुरक्षा कार्रवाई को लेकर रास्वपा के दो सांसदों के बीच विवाद

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may missed

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com