Fri. Oct 9th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

मन रूपी समुन्द्र में विचार रूपी लेहरों की उथल पुथल (आत्मा-अन्तर्द्वन्द)

 

हिमालिनी डेस्क
काठमांडू, ९ जून ।

जीवन , मन , आत्मा ,विचार ,शरीर ,और दिमाग रूपी यंत्र जो संयमित करता है हमारे सम्पूर्ण सिस्टम को , जो एक चेतना जगाता है , सही और गलत के बीच फर्क करने का , वही मन एक ऐसी नहीं जो एहसासो की लहरो को जीवन के यथार्त रूपी समुन्द्र में मिला कर उसके एकाकी व्यक्तित्व का समावेश कर देती है , वहीँ आत्मा उस से पैदा होने वाले सुख और दुःख के भावो से प्रभावित हो तलाशती है एक सुकूँ । विचार जो एक ऐसा हिस्सा है जिंदगी का जिनका कोई ठौर नहीं यानी जो एक जगह स्थिर रह ही नहीं सकते विचरण करते है हमारे दिल दिमाग और आत्मा में जिसका सकारात्मक या नकारात्मक प्रभाव सीधे सीधे हमारे शारीर को प्रभावित करता है । कितना अद्भुत है इनका साथ जो एक दूसरे से इस तरह जुड़े हुए है जो उनकी पूरकता को सम्पूर्ण करते हैं ।
पर क्या कभी हमने सोचा एक ही मन एक ही दिमाग एक ही शारीर में कैसे एक ही बात को दो तरीके से सोचते हैं कभी वही बात हमारे लिए खुशियां ले आती है और जीवन को एक नया रूप एक नया रंग देती हैं तो वही दूसरी तरफ गहराई से चिंतन उस पुरे रूप को बिलकुल समाप्त कर देता है और जीवन के सफर में उसको एक ऐसे रूप से समक्ष पेश करता है मानो यही एक आधार है दुःख का । क्यों ऐसा होता है की हमारे विचारोँ में एक उथल पुथल मची रहती है , एक ऐसी अस्थिरता जो व्याकुल करती है और उकसाती है मन के विरुद्ध एक ठोस निर्णय को जबकि हम जानते है की इससे हमारी आत्मा छलनि हो रही है । कैसा है यह तूफ़ान कैसी है यह उथल पुथल जो एक शांत मन रूपी समुन्द्र में सुनामी की तरह आती है और एक बसे बसाए खुबाब को तहस नहस कर जाती है । कैसा विक्षोभ है जो अपना रुख बदल देता है और बिन मौसम एक तूफ़ान ले आता है ।

यह भी पढें   भाजपा जिला व्यापार प्रकोष्ठ के सहसंयोजक बने दिनेश साह

आज मन रूपी समुन्द्र में
यह तूफ़ान सा क्यों है
क्यों यह मन आज कुछ
परेशान सा है क्यों कोई
राह इस दिल को समझ आती नहीं
क्यों दिमाग की गलियो में अँधेरो से निकल
कोई रौशनी जगमगाती नहीं “

मनीषा गुप्ता

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

1 thought on “मन रूपी समुन्द्र में विचार रूपी लेहरों की उथल पुथल (आत्मा-अन्तर्द्वन्द)”

  1. शुक्रिया विजय जी मेरे लेख को लोगो तक पहुचाने के लिए

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com