Fri. Jul 10th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

स्टडी में खुलासा, सौर मंडल का सबसे पुराना ग्रह है बृहस्पति

 

हिमालिनी डेस्क
काठमांडू, १५ जून ।
बृहस्पति हमारे सौर मंडल का सबसे बडा ग्रह तो है ही पर अब एक नये अध्ययन से पता चला है कि यह सौर मंडल का सबसे पुराना ग्रह भी है । अध्ययन करने वाले वैज्ञानिकों का कहना है कि सूर्य की उत्पति के महज चालीस लाख साल के भीतर ही बृहस्पति की उत्पति हो गई थी ।

बृहस्पति की उत्पति के बारे में मिली जानकारी से सौर मंडल की संरचना को समझा जा सकता है कि इसका जो वर्तमान स्वरूप है इसका निर्माण कैसे हुआ होगा । हालांकि कई मा‘डलों से यह अनुमान लगाया है कि इस ग्रह की उत्पति अपेक्षाकृत जल्दी ही हो गई थी । लेकिन अब तक इसके निर्माण के सटीक समय का पता नहीं चल पाया है । अमेरिका स्थित लाँरेंस लिवरमोर नेशनल लैबरेटरी के शोधकर्ता था‘मस क्रुइजर ने कहा है, हमारे पास बृहस्पति ग्रह का कोई वास्तविक नमूना नहीं है ।

यह भी पढें   बर्ड फ्लू –काठमांडू और काभ्रेपलाञ्चोक में अभी भी खतरा

नेशनल एकेडमी आफ साइंस की रिपोर्ट में प्रकाशित अध्ययन के मुख्य लेखक क्रुइजर का कहना है– हमारे अध्ययन में, बृहस्पति ग्रह की उम्र का पता लगाने के लिए हम उल्कापिंडों के आइसोटेप संकेत का इस्तेमाल करते है । उन्होंने बताया, बृहस्पाति हमारे सौर मंडल का सबसे पुराना ग्रह है और सोलर नेबुला गैस के बनने से पहले ही इसके ठोस कोर का निर्माण हो गया था और कोर संवर्धन मा‘डल के अनुरूप इस जियांट ग्रह की रचना हुई ।

यह भी पढें   कांग्रेस ने की संविधान संशोधन को लेकर अपनी धारणा सार्वजनिक करने की तैयारी

क्रुइजर ने बताया, हमारा शोध यह दिखाता है कि उत्पति संबंधि अलग संकेतों और उल्कापिंडों के उत्पति काल के माध्यम से बृहस्पति ग्रह के निर्माण अवधि का पता लगाया जा सकता है । एजेन्सी

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *