Wed. Jul 15th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

सरकार अभियान चलाए, लोगो को अंगदान के प्रति जागरूक करे : शिल्पा जैन सुराणा

 
डॉ शिल्पा जैन सुराणा | टेडी होल्स्टोन जिसे जन्म लिए हुए अभी मात्र दो घंटे ही हुए थे, एक हीरो की तरह उसने दम तोड़ दिया। वो एक नन्हा हीरो था, जिसका नाम इतिहास में सबसे छोटे अंगदाता के रुप में दर्ज हुआ, उसके नन्हे से शरीर के अंगों ने कई लोगो को नयी ज़िन्दगी प्रदान की। इसके लिए उसके माता पिता को प्राइड ऑफ़ ब्रिटेन के सम्मान से भी नवाजा गया।
कई बार इन्टरनेट पर व अख़बार में खबर पढ़ने को मिलती है कि एक व्यक्ति के अंगदान करने से न जाने कितने लोगो को नयी ज़िन्दगी मिल गयी।। भारत जैसे देश में जहाँ की जंनसंख्या विश्व में दूसरे स्थान पर है, उसे देखते हुए अंगदान के प्रति लोगो की जागरूकता न के बराबर है, उसमे भी लोगो का अन्धविश्वास इस समस्या को और बढ़ावा देता है। जीवित व्यक्ति और ब्रेन डेड व्यक्ति दोनों के द्वारा अंगदान किया जा सकता है। भारत में जहाँ दुर्घटनाओं का आंकड़ा भयावह स्तर पर है, हज़ारो लोग प्रतिदिन सड़क दुर्घटनाओं में अपनी जान गवाते है, ऐसे लोगो की भी अगर पारिवारिक रजामंदी हो तो उनके अंग भी किसी जरूरतमंद व्यक्ति को लगाये जा सकते है।
भारत में ये स्थिति चिंताजनक इसलिए है कि लोगो को ये पता ही नही कि अगर अंगदान करना है तो वो किस व्यक्ति से संपर्क करे या कहाँ जाये ? वजह ये है कि कुछ चुनिंदा अस्पताल ही इसके लिए अधिकृत है, ये सुविधा हर अस्पताल में उपलब्ध नही है। दूसरी समस्या ये है कि जिन अस्पतालों में अंग प्रत्यारोपण की सुविधा से है, वे इसके लिए मरीजो से लंबी चौड़ी फीस लेते है, ऐसा कोई विरला उदाहरण मिलेगा जहाँ किसी गरीब मरीज के लिए ये सुविधा मुफ्त में दी गयी हो।
ये एक बहुत बड़ी समस्या है इसके लिए जरुरी है सरकार और स्वास्थ्य मंत्रालय एक अभियान चलाए और लोगो को अंगदान के प्रति जागरूक करे और साथ में सभी अस्पतालों को इससे जोड़े। साथ ही लोगो से संकल्प पत्र भी भरवाए, उन्हें ये बताये की वे इसके लिए किससे संपर्क कर सकते है। इस बारे में जो भ्रातिया है उन्हें भी दूर करने की जरुरत है, ताकि लोग आगे आये। हज़ारो लोग जो असमय ही काल कवलित हो जाते है, शायद अंग प्रत्यारोपण के माध्यम से उनको एक नयी ज़िन्दगी प्राप्त हो जाये। जरुरत है लोगो को जागरूक करने की और इस दिशा में एक कारगर कदम बढ़ाने की।
डॉ शिल्पा जैन सुराणा
PhD M.Phil M.B.A
वरंगल
तेलंगाना

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *