रोटी बेटी का सम्बन्ध अब कमजोर होता जा रहा है : पूर्व उपराष्ट्रपति झा
भारत के ७१वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर नेपाल भारत मैत्री समाज ने एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया । इस अवसर पर भारतीय राजदूत श्री मनजीवसिंह पुरी, पूर्व उपराष्ट्रपति परमानन्द झा, के अतिरक्ति नेपाल के राजनीतिज्ञों की उपस्थिति थी । कार्यक्रम में भारतीय दूतावास के डीसीएम विनय कुमार की विदाई भी की गई । कार्यकर्म में नए डीसीएम डा.अजय कुमार जी का स्वागत भी किया गया ।
उक्त अवसर पर भारतीय राजदूत महोदय ने कहा कि नेपाल और भारत का रिश्ता महज सत्तर वर्षों का नहीं है । सच तो यह है कि इसकी उम्र बताने के लिए हमें शोध की आवश्यकता पड जाएगी । उन्होंने इस बात पर जोड़ दिया कि भारत हमेशा नेपाल का मित्र रहा है और नेपाल के विकास के साथ है । मोदी जी का नारा सबका विकास सबका साथ में भारत के पडोसी भी समाहित हैं । इसी तरह पूर्व रुाष्ट्रपति श्री परमानन्द झा जी ने कहा कि जिस रोटी बेटी के सम्बन्ध की हम दुहाई देते हैं वह कई वजहों से कमजोर होता जा रहा है और लगता है कि किसी दिन यह रिश्ता सिर्फ रोटी का रह जाएगा । दोनों देशों की सीमाओं पर रक्षाबल आने जाने वालों के साथ जो व्यवहार करते हैं उसकी वजह से लोग सीमा पार अब रिश्ता नहीं करना चाहते हैं ।
कार्यक्रम के आयोजक और नेपाल भारत म्रत्री समाज के अध्यक्ष प्रेम लश्करी जी ने अपनी संस्था के द्वारा किए जा रहे कार्यों का विवरण प्रस्तुत किया । साथ ही यस अवसर पर समाज के द्वारा प्रकाशित स्मारिका का लोकार्पण भी किया गया । समारोह में उपस्थित पूर्व मंत्री रामशरण महत ने अपने वक्तव्य में भारत के विकास की चर्चा की ।
समारोह में भारतीय दुतावास के डीसीएम विनय कुमार जी की विदाई की गई । विनय जी ने अपने वक्तव्य में काठमान्डू के लोडशेडिंग मुक्त होने की खुशी जाहिर की । कार्यक्रम का समापन एक सौहाद्रपूर्ण वातावरण में हुआ ।






