क्रियाकर्म के लिए ५ दिन नहीं बल्कि १३ ही मान्य
काठमान्डाै १४ भाद्र
देश के सभी पण्डिताें ने चौथे राष्ट्रिय सम्मेलन में श्राद्ध अाैर क्रियाकर्म के लिए १३ दिन काे ही मान्य बताया है ।
राष्ट्रिय धर्मशाला नेपालल द्वारा राजधानी में आयोजित दाे दिनाें के सम्मेलन के अन्तिम दिन मंगलबार १२ बुँदे घोषणा जारी की गइर् जिसमें १३ दिन के समय में किसी प्रकार का सम्झौता नहीं हाे सकता है । कुछ दिनाें से यह चर्चा थी कि १३ दिन की अवधि काे ५ दिनाें में समेट दिया जाय जिसे देश के पंडिताें के द्वारा नकार दिया गया है ।



