सर्वोच्च अदालत की प्रतिक्षा में माओवादी मन्त्री
काठमांडू, १ कार्तिक । मंगलबार से विनाविभागीय बन चुके माओवादी मन्त्री सरकार में ही रहेंगे या वापस होंगे, यह प्रतिक्षा की विषय बन गई है । माओवादी मन्त्रियों का कहना है कि सर्वोच्च आदालत में विचाराधिन चुनाव संबंधी मुद्दा में आज फैसला होने वाली है, सर्वोच्च के फैसला के बाद माओवादी मन्त्री विनाविभागीय हुते हुए सरकार में रहेंगे या इस्तिफा देंगे, यह तय होगा । माओवादी स्रोतका कहना है कि अगर सर्वोच्च द्वारा की गई फैसला के कारण चुनाव स्थगित हो जाएगी तो माओवादी मन्त्री सरकार से वापस नहीं होंगे ।

स्मरणीय है, राजपा के नेता सर्वेन्द्रनाथ शुक्ला ने आश्वीन २२ गते सर्वोच्च अदालत में एक रिट निवेदन पंजीकृत करते हुए कहा है कि प्रत्यक्ष और समानुपातिक चुनाव के लिए अलग–अलग मतपत्र की व्यवस्था होनी चाहिए । लेकिन शुक्ला का कहना है कि विश्व में कहीं भी एक ही मतपत्र में प्रत्यक्ष और समानुपातिक उम्मीदवारों के लिए मतपत्र तैयार नहीं किया जाता है । लेकिन निर्वाचन आयोग ने समय अभाव और व्यवस्थापन को दर्शाते हुए एक ही मतपत्र में प्रत्यक्ष और समानुपातिक उम्मेदवारों को मत देने की व्यवस्था की है । इस मुद्दा के संबंध में आज सर्वोच्च अदालत फैसला करनेवाली है । माओवादी ने कहा है कि इसी मुद्दा को आधार बना कर सरकार निर्वाचन तिथि परिर्वतन करने की षडयन्त्र में है ।

