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१७वाँ अालइन्डिया पाेयटिक्स सम्मेलन प‌ंजाब

 

१०नवम्बर

चंडीगढ़ स्थित पंजाब कला भवन में वीरवार को 17वें अंतरराष्ट्रीय कवयित्री सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस दौरान देश-विदेश से आई कवियित्रियों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया।सम्मेलन में देशभर से विभिन्न कवयित्री पहुंची। इसमें मेघालय की स्ट्रीलिंग लातिका भी संघर्ष से जुड़ी अपनी कविताओं के साथ पहुंची। उन्होंने मेघालय में महिलाओं की स्थिति के बारे में बताया।कार्यक्रम में जैसे ही पंजाब के स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू पहुंचे तो उन्हें कवियित्रियों ने सेल्फी लेने के लिए घेर दिया। सिद्धू ने कहा, यहां तो कोई मोहतरम नहीं सिर्फ मोहतरमा हैैं। यानी की पासा पलट रहा है। महिलाएं हर मुकाम में आगे बढ़ रही हैैं। मुझे नहीं लगता कि उन्हें कुछ साबित करने की जरूरत है। मैैं कितना बोलता हूं, लेकिन घर में तो मेरी बीवी ही बोलती है।राजस्थान के टोंक जिले से आई पूजा चांग्या और अनु तमोली की दर्द भरे जीवन ने उन्हें लिखने के लिए प्रेरित किया। पूजा ने कहा कि टोंक में आज भी जाता पात का अंतर है, इस वजह से नीची जात से जुड़े लोगों को ऊंची जात के घर और बाथरूम तक में साफ सफाई करनी पड़ती है।इस दौरान रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया। देशभर की कवयित्री से जुड़ा ये सम्मेलन पंजाब कला भवन में शुक्रवार और शनिवार सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक चलेगा।

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