Wed. May 27th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

पटना में रणवीर सेना प्रमुख ब्रह्मेश्वर समर्थकों का तांडव, नीतीश सरकार मूकदर्शक

 

पटना।। बिहार की राजधानी पटना में जातीय संगठन रणवीर सेना के संस्थापक ब्रह्मेश्वर सिंह की अंत्येष्टि में जमकर हंगामा हुआ। शव यात्रा के दौरान उनके समर्थकों ने कई जगहों पर आगजनी की। शव यात्रा में शामिल सैकड़ों युवा बेकाबू थे। सबसे शर्मनाक स्थिति पटना प्रशासन की थी। वह चुपचाप यह सब देख रही थी। जैसे कि वह इस उपद्रव का समर्थन कर रही हो। पूरे पटना में लोग डर गए। घरों में दुबक गए। देर शाम ब्रह्मेश्वर की अंत्येष्टि के बाद उनके समर्थकों के गुंडागर्दी के खिलाफ स्थानीय लोगों का गुस्सा भी फूट पड़ा। स्थानीय लोगों ने भी पत्थरबाजी की। पुलिस ने स्थानीय लोगों पर आंसू गैस के गोले दागे। अब जाकर बिहार के डीजीपी थोड़े सक्रिय हुए हैं। शुक्रवार को भी ब्रह्मेश्वर की हत्या के बाद उनके समर्थकों ने डीजीपी के साथ आरा में हाथा-पाई की थी, फिर भी डीजीपी चुप रहे। गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों की घटनाओं पर नजर डालें तो पुलिस की आक्रामक छवि रही है। शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों पर भी वह लाठी और गोली चलाने से पीछे नहीं रहती, लेकिन आज वह भागती हुई नजर आई। सूत्रों के मुताबिक इसके पीछे सरकार की राजनीतिक चाल भी है।

यह भी पढें   ‘एलिफेंट्स् इंद द फॉग’की पूरी टीम का काठमांडू में भव्य स्वागत

इसके पहले शव यात्रा के पटना आते वक्त ब्रह्मेश्वर समर्थकों ने कई राजनीतिक नेता के साथ भी बदसलूकी की। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सी.पी. ठाकुर पर भी हमला किया गया है। उनकी गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई। जेडीयू सांसद ललन सिंह के साथ भी ब्रह्मेश्वर के समर्थकों ने बदसलूकी की है। समर्थक पुलिस पर भी हमला कर रहे थे। पुलिस भागती नजर आ रही थी। वह कुछ नहीं कर रही थी।

ब्रह्मेश्वर सिंह के शव यात्रा को देखते हुए आरा-पटना सड़क मार्ग पर अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी, लेकिन पुलिस ने कोई हस्तक्षेप नहीं की। समर्थक रास्ते भर हंगामा करते रहे। जबरन दुकाने बंद करवाते रहे। मीडिया पर भी हमला किया। रास्ते में लोगों की पिटाई भी की। करीब 50 से ज्यादा जगहों पर आगजनी की। कई गाड़ियों में आग लगाई गई। ब्रह्मेश्वर के समर्थक पूरी योजना के साथ पटना आए थे। अपने साथ पेट्रोल, डीजल और केरोसिन ऑयल लाए थे। उन्होंने पटना में घुसते ही तांडव शुरू कर दिया था।

यह भी पढें   भारत ने नेपाल को दिए 10 कैदी वाहक ट्रक, बीरगंज में हुआ हस्तांतरण

शनिवार की देर शाम करीब 7 बजे हजारों लोगों की मौजूदगी में पटना के बांस घाट पर ब्रह्मेश्वर के शव को उनके बेटे ने मुखाग्नि दी। अभी भी पटना में दहशत का माहौल बरकरार है। लोगों में यह डर सता रहा है कि कहीं फिर ब्रह्मेश्वर के समर्थक हिंसा पर उतारू ना हो जाएं।

गौरतलब है कि ब्रह्मेश्वर मुखिया की शुक्रवार की सुबह अज्ञात अपराधियों ने आरा में उनके घर से कुछ दूरी पर गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद हत्या से आक्रोशित लोगों ने पूरे आरा में प्रदर्शन किए। कई वाहनों को फूंक दिया गया तथा कई सरकारी दफ्तरों को आग के हवाले कर दिया गया। प्रशासन को आरा शहर में कर्फ्यू भी लगानी पड़ी। हत्या के बाद पूरे राज्य में अलर्ट घोषित कर दिया गया है।

यह भी पढें   आज का पंचांग: आज दिनांक 23 मई 2026 शनिवार शुभसंवत् 2083

हत्या के पीछे जेडीयू विधायक?
शुरू में ऐसी चर्चा थी कि रणवीर सेना प्रमुख ब्रह्मेश्वर मुखिया की हत्या के पीछे नक्सली हो सकते हैं। लेकिन, ब्रह्मेश्वर मुखिया के परिवारवालों ने हत्या के पीछे जेडीयू विधायक सुनील पांडे का हाथ बताया है। पुलिस अब इस ऐंगल से भी मामले की जांच कर रही है। हालांकि, इस मामले में कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है।नवभारतटाइम्स.कॉम

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may missed