Fri. May 1st, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन से धांधली रहित चुनाव करबाने की बात किसी ने क्यों नही की ? मुकेश झा

 

मुकेश झा, जनकपुरधाम | चुनाव के दौरान नेपाल के हरेक पार्टी ने विकाश की बड़ी बड़ी बातें की, चुनावी घोषणा पत्र निकाला, जिसमें उन्होंने तमाम खयाली पुलाव पका डाले। पर जनता के अधिकार से सीधे जुड़े हुए बात की चर्चा नही के बराबर ही थी। “जिस निर्वाचन द्वारा जनता अपना नेता चुनती है उसमें होने वाले धांधली को रोकेंगे, निर्वाचन के दौरान अचार संहिता के उल्लंघन करने वाले को कठघरे में खड़ा करेंगे, अगर कोई एक भी उम्मीदवार पसन्द नही हो तो उसके लिए मतपत्र वहिष्कार की व्यवस्था करेंगे” ऐसा किसी ने भी नही कहा। क्योंकि इसमें सभी चोर-चोर मौसेरा भाई जो हैं।

अभी हाल में ही सम्पन्न चुनाव में सब से ज्यादा विवाद मतपत्र के गिनती को लेकर हुई। कहीं मतपत्र फटा, तो कहीं मतपेटिका का सील टूटा। देश मे मेट्रो ट्रेन से लेकर अंतरिक्ष यान तक कि हवादरी बात हुई, पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) से चुनाव करबाने की बात किसी ने नही रखी। EVM के बहुत से प्रत्यक्ष फायदे हैं। सब से पहली बात तो इससे मतगणना में समय बिल्कुल ना के बराबर लगता है, जिससे मतगणना में होने वाले देश का समय, खर्च और परेशानी से सीधा बचा जा सकता है। हमने देखा कि चितवन के स्थानीय निर्वाचन में मतगणना के दौरान मत पत्र ही फाड़ दिया गया और उस जगह पुनः मतदान हुई। अगर EVM से मतदान हुवा रहता तो शायद वह नौबत नही आती। अभी हुए प्रतिनिधि सभा के निर्वाचन में सर्लाही के क्षेत्र न 4 में 2 मतपेटिका का सील टूटा हुआ मिला, जिसपर काफी बवाल हुआ, नौबत यहां तक आई कि प्रशासन को एक दर्जन से ज्यादा अश्रु ग्यास के गोले दागने पड़े। मतगणना तो हुई परन्तु निर्वाचन आयोग और सरकार पर उस जगह पर हुई मतगणना को लेकर प्रश्न चिन्ह जरूर लगा। अगर EVM से मतदान हुवा रहता तो शायद यह परिस्थिति नही आती। निर्वाचन आयोग के अनुसार प्रदेश न 2 में सबसे ज्यादा ९% से ज्यादा मत बदर हुवा है। स्वतंत्र मधेश गठबन्धन के समर्थकों का दावा है कि गठबन्धन के आह्वान पर ही लोगों ने “कोठरी के बाहर” छाप लगाई जिसके कारण मत बदर की प्रतिशत इतनी बढ़ी। अगर EVM से मतदान होता तो इस तरह की सुनियोजित मत बदर की संभावना नही रहती।

यह भी पढें   स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश के बाद दुरुपयोग किए गए वाहन मंत्रालय में वापस लाए गए।

इतना सब होने के बाद भी आश्चर्य है कि विकाश की बड़ी बड़ी बात और योजना दिखाने वाले पार्टियां और निर्वाचन आयोग विज्ञान प्रविधि के प्रयोग से निर्वाचन क्यो नही कराना चाहते? क्या वह खुद अपनी धांधली नही चलेगी इससे डरते तो नही ? उम्मीद है नेपाल में जल्द ही EVM के जरिये स्वच्छ और धांधली रहित निर्वाचन कराने की व्यवस्था सरकार और निर्वाचन आयोग करबाए।

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *