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चिनिया तस्कर को सरकार का संरक्षण

 

चिनिया तस्कर को
सरकार का संरक्षण
अमेरिकी डाँलर का तस्करी करने वाले चिनियां नागरिक को सरकार के महान्यायाधिवक्ता द्वारा कैसे संरक्षण दिया जा रहा है इस बात का प्रमाण पिछले दिनों देखने को मिला। करीब ९७ हजार २२३ अमेरिकी डाँलर और ११ लाख नेपाली रुपैयों के साथ गिरफ्तार चीन के १० नागरिकों को अदालत के आदेश के विपरीत छोडÞने और उनसे जब्त की गई रकम ही नहीं बल्कि अदालत द्वारा जमा कराए गए जमानत की रकम को भी वापस करने का आदेश सरकार के महान्यायाधिवक्ता के तरफ से दी गयी।
अवैध तरीके से नेपाल के रास्ते तिब्बत होकर चीन ले जाते समय पुलिस ने १० चिनिया नागरिक के पास से इतने बडÞे पैमाने पर अवैध रूप से अमेरिकी डाँलर और नेपाली रुपैया बरामद किया था। दो गाडिÞयों पर सवार होकर तातोपानी का से चीन की तरफ जाते समय भक्तपुर के जगती पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार किया था।
शरीर के नाजुक अंगो में भी छिपाकर रखे गए अमेरिकी डाँलर को पुलिस ने शंका के आधार पर बरामद किया था। रात के अँधेरे का फायदा उठा कर भागने के चक्कर में रहे इन चिनिया तस्करों को पुलिस की मुस्तैदी के कारन पकडÞा जा सका था। इनसे पूछताछ के बाद जैसे ही इन्हें भक्तपुर जिला अदालत में पेश किया गया था वैसे ही इन चिनिया तस्करों के काठमांडू में रहे र्समर्थको ने अदालत परिसर में काफी हंगामा मचाया था। पुलिस की गाडÞी को अपने नियंत्रण में लेकर पकडे गए तस्करों को वहा से भगा ले जाने की फिराक में रहे चिनिया नागरिको ने पुलिस पर पथराव किया था। इतना ही नहीं अदालत में घुसकर वहाँ रहे सरकारी वकील के दफ्तर में भी तोडÞफोडÞ मचाया था ।
बाद में पता लगा कि अदालत परिसर में चिनियाँ नागरिक और तस्करों द्वारा किए गए हमले के पीछे काठमांडू स्थित चिनियाँ दूतावास की संदिग्ध भूमिका के बारे में खुलासा हुआ था। तस्करों और भारी मात्रा में अवैध रूप से तस्करी के लिए ले जाते हुए अमेरिकी डाँलर पुलिस नियंत्रण में आने की जानकारी मिलने के साथ ही चिनियाँ राजदूत और दूतावास के अन्य अधिकारीयों की सक्रियता दिखी गई। इतना ही नहीं खुद चिनियाँ राजदूत ने इस मामले में कई बार प्रधानमंत्री तक से मुलाकात की थी। चिनियाँ राजदूतावास के दबाब के बाद ही प्रधानमंत्री के सीधे आदेश के बाद महान्यायाधिवक्ता ने इस मामले में सीधे हस्तक्षेप करते हुए मामले की फाइल मंगा ली और गैर कानूनी तरीके से न सिर्फतस्करों को हिरासत से मुक्त करा दिया बल्कि अदालती आदेश की धज्जियाँ उडÞाते हुए उनके द्वारा जमा कराये गए जमानत की सभी रकम वापस करवाई और तस्करी के अवैध अमेरिकी डाँलर भी वापस कर दिया। इस कार्य से प्रधानमंत्री की व्यक्तिगत छवि पर काफी खराब असर पडÞा है।

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