Wed. Aug 5th, 2020
himalini-sahitya

लड़की सब को चाहिए पर बेटी किसी को नही

अरे बेटी को मरते हो बेटी क्या होती हे ये हम आप को बताते हे हमारे विचारो से

बेटी एक सम्मान हे जो सब को मिलना चाहिए
बेटी एक इज्ज़त हे जो हर घर को मिलनी चाहिए
बेटी एक नूर हे जो हर तरफ चमकना चाहिए
बेटी एक उपकार हे जो सब पर होना चाहिए
बेटी दो घर को चलाती हे
बेटी दो परिवारों को शिक्षित करती हे

यह भी पढें   रक्षा की सौगंध लेता भ्राता, भाई बहन सा, न दूजा नाता : उषा चैनवाला

लड़की सब को चाहिए पर बेटी किसी को नही आशा क्यों ?

एक भाई को भाई चाहिए
एक प्रेमी को प्रेमिका चाहिए
एक पति को पत्नी चाहिए

पर एक बेटी किसी को नही चाहिए एसा क्यों ?

अरे मरना ही हे तो अपने अहंकार को मारो
मरना ही हे तो अपने अन्दर के जानवर को मारो

बेटी को क्या मारते हो वो भी अजन्मी बेटी को
जो इस संसार में आने के सपने देख रही हे उसे क्यों मारते हो हा ?

यह भी पढें   रक्षासूत्र : कवि दिनेश सिंह सेंगर

अब भी वक्त हे सभाल जाओ वरना एक भी बेटी नही रहेगी
और तुम इन सब अनुभव से वंचित रह जाओगे

माँ का प्यार
बहन का दुलार
पत्नी की सेवा
प्रेमिका की छाया
दादी का आचार
माँ की हात की रोटी
कन्या दान

अरे मेरे दोस्तों हर संपन आदमी के पीछे भी एक ओरत का ही हात होता हे सोचो उस हात को ही तोड़ दिया तो क्या होगा ?

जेसे बिन पानी मछली बन जाओगे

यह भी पढें   ऐसे मनाए राखी पूनम : कमला भंसाली जैन

हाथ बढाओ बेटी बचाओ

लेखक -चन्दन सिंह
समय – ११ :३६

Enhanced by Zemanta

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Loading...
%d bloggers like this: