स्वैच्छिक अवकास अधिकार नहीं हैः मन्त्री पण्डित
विराटनगर, १० अप्रिल । संघीय मामला तथा सामान्य प्रशासन मन्त्री लालबाबु पण्डित ने कहा है कि हर कर्मचारियों यह समझे कि स्वैच्छिक अवकास मौलिक अधिकार नहीं है । मंगलबार विराटनगर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार जहां चाहती है, कर्मचारियों को वहां जाकर अपनी जिम्मेदारी पूरा करना पड़ेगा । मन्त्री पंडित ने आगे कहा– स्वैच्छिक अवकास देना है या नहीं, इसमें सरकार का निर्णय महत्वपूर्ण रहेगा । स्वैच्छिक अवकास को सिर्फ अधिकार के रुप में समझना गलत है । अभी स्वैच्छिक अवकास संबंधी निर्णय स्थगित करने का निर्णय सरकार ने किया है ।
मन्त्री पण्डित ने कहा कि जब तक दूसरा निर्णय नहीं होगा, तब तक किसी को भी स्वैच्छिक अवकास नहीं दिया जाएगा । इसी तरह मन्त्री पण्डित ने कहा कि सरकार द्वारा निर्धारित जगहों में जा कर काम न करनेवालों को दूसरे जगहों में हाजिरी (उपस्थिति) नहीं दिया जाएगा । मन्त्री पण्डित ने कहा– ‘संबंधित मन्त्रालय और कार्यालय में जो कर्मचारी नहीं जाते हैं, उन लोगों को हाजिरी उपस्थिति नहीं किया जाए, इसके लिए परिपत्र हो चुका है ।’ उनका कहना है कि अगर परिपत्र के विपरित किसी ने हाजिरी की तो वहां कार्यालय प्रमुख को ही दोषी मानकर कारवाही किया जाएगा ।
इसीतरह मन्त्री पण्डित ने कहा कि बढ़ोत्तरी तथा तबदला संबंधी विषयों को लेकर कर्मचारी असन्तुष्ट होना ठीक नहीं है । उन्होने कहा कि कोई भी सचिव अपना और पराय नहीं होते हैं । उनका कहना है कि पिछली बार हुई सचिव तबदला संबंधी निर्णय हुआ है, वह विचार–विमर्श के बाद ही हुआ है ।

