चंपारण की ऐतिहासिक धरती से पीएम मोदी ने भारत को दिया स्वच्छता का संदेश
*{हिमालिनी के लिए मधुरेश प्रियदर्शी की रिपोर्ट…}* *मोतिहारी {बिहार}*– स्वच्छाग्रहियों के राष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लेने देश के पीएम नरेंद्र मोदी आज चंपारण यात्रा के दौरान मोतिहारी पहुंचे. मोतिहारी के ऐतिहासिक गांधी मैदान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत भोजपुरी में की. पीएम ने कहा कि महात्मा गांधी ने इसी चंपारण के बड़हरवा लखनसेन से स्वच्छता अभियान की शुरूआत की थी. उन्होंने आगे कहा कि इतिहास खुद को दोहराता है. सौ वर्ष पहले का इतिहास फिर साक्षात हमारे सामने मौजूद है. मेरे सामने वो स्वच्छाग्रही बैठे हैं, जिनके भीतर गांधी जी विराजमान हैं. मैं उनको प्रणाम करता हूं. इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से आए करीब बीस हजार स्वच्छाग्रही उपस्थित थे.
पीएम ने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान ने देश की करोड़ों-करोड़ महिलाओं की जिंदगी जिस तरह बदली है, उससे आप भली-भांति परिचित हैं. एक शौचालय के निर्माण से महिला को सम्मान, सुरक्षा और स्वास्थ्य, तीनों मिल रहा है. मुझे बताया गया है कि अब तो बिहार में भी शौचालयों को ‘इज्जत घर’ कहकर बुलाया जाने लगा है.
श्री मोदी ने कहा कि ये लोगों की इच्छाशक्ति का परिणाम है कि पिछले एक हफ्ते में , जिस दौरान सत्याग्रह से स्वच्छाग्रह सप्ताह मनाया गया है, बिहार, यूपी, उड़ीसा और जम्मू-कश्मीर में लगभग 26 लाख शौचालयों का निर्माण किया गया है. मोदी के अनुसार गांधी जी की इसी भावना का सम्मान करते हुए सवा सौ करोड़ देशवासी मिशन मोड पर काम कर रहे हैं. ये उनका स्वच्छाग्रह ही है कि 2014 में स्वच्छता का जो दायरा 40 प्रतिशत से भी कम था, वो अब बढ़कर 80 प्रतिशत से भी ज्यादा हो चुका है.
उन्होंने कहा कि चंपारण की धरती पर सौ साल पहले दुनिया ने ऐसा आंदोलन देखा था. आज फिर दुनिया इस आंदोलन को देख रही है. उन्होंने कहा कि चंपारण से मेरा पुराना नाता है. इस मौके पर प्रधानमंत्री ने स्वच्छाग्रहियों को सम्मानित भी किया. प्रधानमंत्री ने मोतिहारी व सुगौली में दो पेट्रोलियम परियोजनाओं और दो सड़क योजनाओं का उद्घाटन मंच से ही किया. साथ ही प्रधानमंत्री ने रिमोट से स्वच्छाग्रही ई-बुक का लोकार्पण करते हुए हमसफर एक्सप्रेस को हरी झंडी भी दिखाई. इसके साथ ही रेलवे की कई योजनाओं का शिलान्यास व उद्घाटन भी किया. इसके बाद प्रधानमंत्री ने रिमोट से विभिन्न विकास योजनाओं का उद्घाटन किया. मोतिहारी में मोतीझील के सौदर्यीकरण, बेतिया में स्वच्छ पेयजल आपूर्ति तथा नमामी गंगे परियोजना का प्रधानमंत्री ने उद्घाटन किया.
इस मौके पर मंच से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्वच्छाग्रहियों को संबोधित करते हुए कहा कि गांधी जी ने सत्याग्रह के साथ स्वच्छता के लिए भी प्रेरित किया था. उन्होंने शिक्षा पर भी जोर दिया था. लेकिन आजादी के बाद इसपर ठीक से अमल नहीं हुआ. गांधीजी के बाद स्वच्छता को अभी किसी ने ठीक से उठाया तो वे लोहिया थे. सीएम ने कहा कि हमें स्वच्छता के लिए समर्पित होना पड़ेगा. हमने बिहार में इसके लिए विशेष अभियान चलाया है. इसके अलावा हर घर नाली व स्वच्छ पेयजल को लेकर भी अभियान चलाया जा रहा है. स्वच्छता को लेकर अभियान से ही प्रगति होगी. बिहार के स्कूलों में गांधी के विचारों से नई पीढ़ी को अवगत कराया जाएगा. स्कूलों में उनकी कथाएं पढ़ाई जाएंगी.नीतीश कुमार ने जोर देकर कहा कि अगर नई पीढ़ी का 10 फीसद भी गांधी के विचारों को अपना ले तो समाज व देश बदल जाएगा.
केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने अपने संबोधन में कहा कि गांधी ने स्वच्छता का सपना देखा था. उनके और भी कई सपने थे. वे चाहते थे कि लोगों को रोटी मिले, साथ ही सम्मान के साथ जीने का अधिकार भी मिले. यही उनका राम राज्य था. लंबे समय तक उनके सपने के पूरा होने की प्रतीक्षा होती रही. मैंने नरेंद्र मोदी को गुरु मानकर सीखा कि विकास के लिए कैसे काम हो सकता है. गांधीजी के सपनों को पूरा करने के लिए नरेंद्र मोदी आगे आए हैं.
केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने मंच से कहा कि अफ्रीका के बाद गांधी जी का सत्याग्रह चंपारण में सफल रहा. इस सत्याग्रह ने देश को दिशा दी. गांधी जी के दो अस्त्र थे- सत्याग्रह व स्वच्छता. जैसे गांधी के नाम से सत्याग्रह जुड़ा है, वैसे ही पीएम मोदी के नाम से स्वच्छता जुड़ जाएगा. रामविलास पासवान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास नीति है और उनकी नीयत भी साफ है.
केंद्रीय मंत्री व मोतिहारी के भाजपा सांसद राधा मोहन सिंह ने भी स्वच्छाग्रहियों को संबोधित किया. चंपारण सत्याग्रह व स्वच्छता आंदोलन से संबंधित लघु फिल्में भी लोगों को दिखाई गई.
उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि गांधी जी ने सौ साल पहले न केवल अंग्रेजों के खिलाफ सत्याग्रह किया था, बल्कि स्वच्छता का भी संदेश दिया था. पीएम मोदी के भाषण के दौरान मंचासीन नेताओं से लेकर पंडाल में बैठे स्वच्छाग्रहियों ने बीच-बीच में जमकर ताली भी बजाई. पीएम मोदी के कार्यक्रम को लेकर चंपारण वासियों में भारी उत्साह देखा गया. समारोह स्थल पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का फोटो एवं उनसे संबंधित फ्लैक्स नहीं लगाए जाने पर जदयू कार्यकर्ता नाराज दिखे. जदयू नेताओं ने ऐसे महत्वपूर्ण आयोजन में सीएम को दरकिनार करने का आरोप भाजपा नेताओं पर लगाया है.



