भाजपा सांसद कीर्ति आजाद की अभिव्यक्ति निन्दनीय हैः एमाले
काठमांडू, १३ मई । सत्ताधारी नेकपा एमाले ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी के सांसद कीर्ति आजाद द्वारा जनकपुर के संबंध में हाल ही में सार्वजनिक अभिव्यक्ति के प्रति आपत्ति प्रकट की है । एमाले ने कहा है कि उन्हे अपनी कथन को वापस करना चाहिए । आइतबार नेकपा एमाले वैदेशिक मामिला विभाग से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है– ‘आजादी की अभिव्यक्ति निन्दनी है ।’
नेकपा एमाले का मानना है कि नेपाल–भारत संबंध सुधारोन्मुख हो रही है, ऐसी अवस्था में सार्वजनिक अभिव्यक्ति दो देशों के संबंध में दरार पैदा कर सकती है । एमाले ने कहा है कि अभिव्यक्ति दुराशय से प्रेरित है । सरकार से आग्रह करते हुए एमाले कहा है कि आज के बाद इस तरह की अभिव्यक्ति न आए । विज्ञप्ति में आगे कहा है– ‘नेपाल की अस्मिता और भौगोलिक अखण्डता के ऊपर प्रहार कर भारत के जिम्मेवार नेता की ओर से सार्वजनिक उत्तेजनापूर्ण अभिव्यक्ति भारतीय प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी नेपाल भ्रमण में रहते वक्त आया है, मोदी द्वारा नेपाल की खण्डता और स्वाभिमान के पक्ष में व्यक्त अभिव्यक्ति द्वारा ही उक्त अभिव्यक्ति खण्डित होती है ।’
स्मरणीय है, भारतीय प्रधानमन्त्री मोदी नेपाल भ्रमण में रहते वक्त भाजपा के सांसद आजाद ने सामाजिक संचालन में लिखे थे कि सुगौली सन्धी के कारण जनकपुर दो सौ साल के लिए नेपाल को दिया गया था, अब प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी की जिम्मेदारी है कि जनकपुर को भारत में पुनः वापस करना चाहिए ।

