कर्नाटक के बाद बिहार में राजनैतिक उठा पटक शुरु, राजद ने पेश किया सरकार बनाने का दावा

हिमालिनी के लिए मधुरेश प्रियदर्शी की रिपोर्ट । *पटना/बिहार*– कर्नाटक में भाजपा को सबसे बड़ी पार्टी होने पर सरकार बनाने का मौका मिलने के बाद बिहार की राजनीति में भूचाल आ गया है. बिहार की मुख्य विपक्षी दल राजद ने कर्नाटक के तर्ज पर बड़ी पार्टी होने का हवाला देते हुए सूबे में सरकार बनाने का दावा पेश किया है. बिहार विधानसभा में विरोधी दल के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव के नेतृत्व में सूबे के विपक्षी विधायकों का एक प्रतिनिधिमंडल आज पटना में राज्यपाल सत्यपाल मल्लिक से मिला और सरकार बनाने की दावेदारी की. प्रतिनिधिमंडल में राजद, कांग्रेस, हम और माले के विधायक शामिल थे. राज्यपाल से मिलने के बाद तेजस्वी ने कहा कि वर्तमान में उन्हें 111 विधायकों का समर्थन पत्र प्राप्त है. अगर हम लोगों को सरकार बनाने का मौका मिलता है तो हम आसानी से बहुमत साबित कर देंगे. विरोधीदल नेता ने कहा कि मैंने राज्यपाल को इन सभी विधायकों का समर्थन पत्र सौंप दिया है और सरकार बनाने के लिए मौका देने का आग्रह भी किया है.
उन्होंने दावा किया कि राजद, कांग्रेस, हम और माले के 111 विधायकों के अलावा एनडीए के कई विधायक भी हमारे संपर्क में हैं. सदन में अगर बहुमत साबित करने का मौका मिला तो हम आसानी से बहुमत साबित कर देंगे. उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी पार्टी और चुनाव पूर्व सबसे बड़ा गठबंधन होने के नाते राजद को सरकार बनाने का मौका मिलना चाहिए. यादव ने कहा कि कर्नाटक में सबसे बड़ी पार्टी को सरकार बनाने का मौका दिया गया है और इसी तर्ज पर हमलोगों ने राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया है.
नेता विपक्ष ने बताया कि राज्यपाल ने हमारी बातों को गंभीरता से सुना है और मामले पर विचार करने का आश्वासन दिया है.
बिहार में राजद की ओर से सरकार बनाने का दावा पेश किए जाने के बाद यहां का राजनैतिक तापमान एकाएक बढ़ गया है. बिहार की सत्तारूढ़ पार्टी जदयू ने राजद पर पलटवार करते हुए कहा है कि तेजस्वी प्रसाद यादव पहले अपना अंक गणित ठीक करें.जदयू नेताओं ने कहा कि बिहार में राजद की दाल अब गलने वाली नहीं है.

