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भार्गवऋषि वृद्धाश्रम जलेश्वर की साधारणसभा मे आश्रम को व्यवस्थित रखने की सल्लाह

 

जलेश्वर । अभी अभी जलेश्वर के उद्योग वाणिज्य संघ के हाल में भार्गव ऋषि वृद्धाश्रम जलेश्वर महोत्तरी के दूसरा वार्षिक साधारण सभा कार्यक्रम हुआ। जिसका अध्यक्षता वृद्धाश्रम के अध्यक्ष अतिकर्मठ व्यक्तित्व श्री राजकिशोर झा जी ने किया। विशिष्ट अतिथि के रुपमे पूर्व मंत्री श्री गणेश नेपाली जी मंचासीन थें।कार्यक्रम उदघोषक के रुपमे कर्मठ सदस्य श्री नरेन्द्र नारायण लाल कर्ण जी ने कार्यक्रम में मधुरता बिखेर रहे हैं। तो वही संस्था के सचिव श्री राजेश्वर ठाकुर जी ने सांगठनिक प्रतिवेदन और आगामी कार्यक्रम प्रतुत किए।वक्ता के क्रम में श्री राम सुन्दर जी ने नगरपालिका से समन्वय कर संस्था और समाज को भौतिक समृद्धि लाने के लिए प्रयास किया जाय। दुसरे वक्ता श्री राम शिकिल चौधरी जी ने अध्यक्ष महोदय को और सक्रीय होने के लिए जोड़ लगाए तो श्री जिबछ मेहतरी जी ने नैतिकता, इमानदारिता और निरहंकार को आत्मसात कर संस्था को गरिमामय बनाने का सामूहिक प्रयास करने के लिए आह्वान किए।

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इसी प्रकार श्री ताराकांत झा जी ने दृढ़ता के साथ समाज के उन्नति में वृद्धाश्रम का अनमोल योगदान प्रदान करने के लिए प्रेरणा दिए। इसी क्रममे श्री गणेश नेपाली ने जीवन जीने की कला और संस्कार निर्माण केंद्र के रुपमे बिकसीत करने के लिए जोर दिए।डा द्वारिका प्रसाद साह जी ने मनुष्य जीवन के चार खंडो का आधुनिक विश्लेषण करते हुए कहा की अब जन्म से चौदह वर्ष तक वाल्यावस्था और पंद्र से 29 वर्ष तक युवा आवस्था तथा 30 से 60 वर्ष तक प्रौढा अवस्था रहता है। अतः बृद्धा अवस्था को व्यवस्थित रखने के लिए तीन तीन महीने में नियमित रक्तचाप परिक्षण तथा चीनी का परिक्षण कराने की सलाह देते हुए सकारात्मक सोच के साथ शाकाहार और योग करने की सुझाव दिए। धुम्रपान और मद्यपान से परहेज रखते हुए संतुलित जीवन जीनेवाला 80 वर्ष तक युवा की तरह जीने का शुत्र भी दिए। लब्ध प्रतिष्ठित स्थानीय औषधि व्यापारी श्री रामा जालान जी ने निष्ठां के साथ वृद्धाश्रम को गतिशील करने का सुझाव दिया।तथा सहयोग करने का वादा भी किया।अंत में संस्था और कार्यक्रम के अध्यक्ष के हैशियत से अपना मंतव्य देते हुए श्री राज किशोर बाबू ने मनुष्य को विष और अमृत दोनों पीना पड़ता है। (मात्रिपित्री देवो भव) के भाव को गुंजायमान करते हुए वाणी को विस्तार किए। आयव्यय का वार्षिक लेखा जोखा अर्थात हिसाव सार्वजनिक करते हुए कोषाध्यक्ष श्रीमती कल्पना शिवाकोटी ज्यू को हृदय प्रशंसा करते हुए गदगद हो रहे हैं। साथही महिला विकास के अधिकारी सुश्री नितू दुबे के द्वारा किया गया सहयोग को हृदय से याद करते हुए धन्यवाद ज्ञापन कर रहे हैं।
अपनी समिति की गरिमा गान करते हुए बोले की इस समिति में एम् ए और बीए से कम नहीं है। वकील प्रोफ़ेसर और अफसरों का समिति है यह। अतिथि देवो भवः का देसना को मैंने पूरा पालन किया है। मैं यह भी वादा करता हूँ की यदि जिस दिन संस्था में आर्थिक तंगी रहेगी उस दिन भी मैं अपनी ओर से खर्च करके स्वागत की इस परंपरा को निरंतरता देता रहूँगा। मैंने यह समाचार कार्यक्रम के वर्त्तमान अवस्था में ही तयार किया है; कयोकि मैं भी इस कार्यक्रम में वक्ता के रूप में आमंत्रित था। और मैंने इस संस्था को समाज का मार्ग दर्शक और संस्कार का श्रोत के रुपमे विकसित करने के प्रार्थाना किया।

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