Tue. Jun 30th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

संशोधन अपरिहार्य है, जिससे की देश और राज्य भी हमारा हो सके : मनिष सुमन

 

हिमालिनी, मई अंक ,२०१८ | आज के लिए राजपा की प्रथम प्राथमिकता तो संविधान संशोधन ही है । इसके लिए हम लोग लग रहे हैं । क्योंकि आज जो संविधान है, वह मधेश मैत्री तथा जनजाति मैत्री संविधान नहीं है । उसमें संशोधन कर सर्वस्वीकार्य संविधान बनाना है । राजपा ने केपीशर्मा ओली को प्रधानमन्त्री बनाने के लिए वोट दिया है । इसका मतलब राजपा भी सरकार में जाएगी, इसका अर्थ यह नहीं है । संविधान संशोधन के लिए दो तिहाई बहुमत आवश्यक है । बाम गठबन्धन के पास बहुमत तो है, लेकिन दो तिहाई नहीं है । दो तिहाई पहुँचाने के लिए ही हम लोगों ने ओली सरकार को समर्थन किया है । अगर हमारे मतों का दुरुपयोग किया जाता है तो हम लोग भी उनका साथ छोड़ देंगे ।

यह भी पढें   उप सभापति की भूमिका के कारण मैं अधिक जिम्मेदारी महसूस कर रही हूँ - गौतम
मनिष सुमन, प्रदेश सांसद्, प्रदेश नं. २

जहाँ तक सरकार में जाने की बात है, राजपा ने सरकार में जाने के लिए कोई भी प्रयास नहीं किया है । हम लोग संविधान संशोधन संबंधी मुद्दा में ही अडिग हैं । संविधान संशोधन हो जाएगा तो सत्ता–रोहण होती ही रहेगी, यह कोई बड़ी बात नहीं है । लेकिन संविधान संशोधन के सम्बन्ध में अभी तक गम्भीरता से कोई भी बातचीत नहीं हुई है । प्रधानमन्त्री केपी शर्मा ओली भारत भ्रमण से पहले हम लोगों से कह रहे थे कि औचित्यपूर्ण संविधान संशोधन के लिए तैयार हैं । ‘औचित्यपूर्ण संशोधन’ का मतलब क्या है ? यह तो प्रधानमन्त्री ओली ही जानेंगे ! हम लोग तो बता रहे हैं कि अभी जो संविधान है, वह मधेशी मैत्री संविधान नहीं है । संशोधन अपरिहार्य है । संशोधन नहीं होगा तो कुछ भी नहीं होगा ।
संविधान में संशोधन के लिए एक साल पहले तक हम लोग सड़क संघर्ष कर रहे थे । अब दबाव देने के लिए सदन भी है । सदन आन्दोलन से भी संविधान में संशोधन के लिए दबाव दिया जा सकता है । उसके बाद भी संविधान में संशोधन नहीं होगा तो वर्तमान सरकार को मधेश में मान्यता मिलनेवाली नहीं है । क्योंकि हम लोग मानते हैं संशोधन बिना का संविधान ‘एकल समुदाय का संविधान’ रह जाएगा । इसीलिए जब तक संविधान संशोधन नहीं होगा, तब तक हमारा संघर्ष जारी रहेगी । जब तक संविधान संशोधन नहीं होगा, तब तक यह मुल्क मेरा नहीं है, राज्य मेरा नहीं । हम चाहते हैं कि देश और राज्य भी मेरा हो सके, इसके लिए संविधान संशोधन अपरिहार्य है ।

यह भी पढें   भारत विकास परिषद रक्सौल ने समारोहपूर्वक मनाई प्रथम राष्ट्रीय महासचिव डॉ. सूरज प्रकाश की 106वीं जयंती.....

 

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *