सीके राउत को सहयोग करनेवाले संस्था ‘डीपीए’ बन्द करने का निर्णय !
काठमांडू, ११ जून । नेपाल सरकार ने ‘डिमार्टमेन्ट अफ पोलिटिकल अफेयर्स’ (डीपीए) नामक संस्था को बन्द करने के लिए निर्देशन दिया है । ललितपुर जिला के पुलचौक में रहे राष्ट्रसंघीय कार्यालय के अन्दर से संचालित उक्त कार्यालय को अवैधानिक बताते हुए सरकार ने ऐसा निर्देशन जारी किया है । सरकार ने कहा है कि उक्त कार्यालय में कार्यरत कर्मचारियों को ३ महीना के अन्दर वापस किया जाए ।
सरकारी स्रोत को यह भी कहना है कि डीपीए में कार्यरत कई कर्मचारी ‘स्वतन्त्र मधेश अभियान’ के अभियान्ता सीके राउत को समर्थन कर रहे थे । डीपीए में कार्यरत कर्मचारी के ऊपर आरोप है कि सीके राउत को सहयोग करनेवाले पश्चिमी दातृ निकायों के साथ उन लोगों ने अघोषित सहकार्य किया है । इसीलिए मन्त्रिपरिषद् निर्णय द्वारा उक्त कार्यालय बन्द कराने का निर्णयल लिया गया है । सरकार ने अपनी निर्णय के संबंध में न्यूयोर्क स्थित राष्ट्र संघीय मुख्यालय और पुल्चोक स्थित राष्ट्रसंघीय आवासीय कार्यालय में जानकारी दिया है । डीपीए में एक जापानी महिला प्रमुख के रुप में काम कर रही थी ।
स्मरणीय है– डीपीए ऐसी संस्था है, जो विगत ७ साल से संचालित है । डीपीए कार्यालय से नेपाल की राजनीतिक घटनाक्रम संबंधी रिपोर्ट तैयार कर हर हफ्ता न्यूयोर्क स्थित राष्ट्र संघ मुख्यालय में भेजा जाता था । उसके लिए नेपाल के कुछ पत्रकारों से सहयोग लिया जाता था, ऐसे पत्रकारों को आकर्षक पारिश्रमिक भी दिया जाता था । शान्ति प्रक्रिया को सहयोग करने की उद्देश्य से स्थापित अनमिन ने जब सेना समायोजन और हतियार व्यवस्था सम्बन्धी काम सम्पन्न किया, उसके बाद कुछ समय के लिए कहते हुए डीपीए की स्थापना की गई थी ।

