कांग्रस के रैली में उमड़ा जन सैलाव
जलेेेशवर । अस्तित्व पुनर्स्थापन और लोकतंत्र की रक्षा हेतु नेपाली कांग्रेस ने ओली सरकार के मोनोपोली विरुद्ध राष्ट्रव्यापी रुपमे जंग छेड़ दिया है। आज जलेश्वर नगरपालिका में अपना शक्ति प्रदर्शन करते हुए हजारों की संख्या में सड़क पे उतरे कांग्रेस समर्थकों ने फिर से सावित कर दिया है कि;जब जब नेपाल क्रूरता के चक्रव्यूह में फ़सेगा तो हम उसका मुहतोड़ विरोध करेंगे।अधिनायकवाद और हैकमवाद को जड़ से उखाड़ फेकेंगे। खैरा चौक पे हुए संवोधन कार्यक्रम में अधिकाँश वक्ताओं ने ओली कोसते हुए पानी जहाज के लिए वर्षा ऋतू में उपयुक्त स्थान सड़क ही सावित होने लगा है। डा.गोबिंद के सी और पत्रकारों के साथ किया गया दुर्व्यवहार ने तो हिटलर को भी मात कर दिया है। सरकार कानून का मजाक उड़ा रही है। लोकतंत्र के नामपर आज लुटतंत्र मचा हुआ है। आम नागरिक कर के बोझ तले दबाए जा रहें हैं। सरकार नेपाली जनता के गरिमा को मटियामेट करने पर तुली है। ऐसे ही आरोप ओली सरकार के उपर मढ़ते हुए दिखाई दिए।अधिकाँश वक्ताओं पर ओलिवाद ही हावी दिखाई ते रहा था। विपक्षी के नाम को बार बार लेना मनोवैज्ञानिक रूप से उसका प्रचार करना ही माना गया है।
खैर जो भी हो,घनघोर वर्षात के मौषम के वावजूद उक्त विरोध रैली में गाव गाव से उमड़े जन सैलाव ने आज महोत्तरी के मधेसवादी दलों के समर्थको का नींद जरुर उड़ा दिया होगा की कहीं कांग्रस फिर से न अपना आधार भूमि हथियाने में सफल हो जाए। क्योंकि मधेसवादी आज अधिनायक वादी कम्युनिष्टो के कठपुतली बना हुआ है।
नोट:-परन्तु क्या कांग्रेस के शीर्षस्थ नेताओं और स्थानीय कार्यकर्ताओं को अपनी भूल दिखाई देने लगा है? क्या मधेस के अधिकार के विरोध में फिर से खसआर्य गले नहीं मिल जाएंगे? यह प्रश्न तो बुद्धिजिबियों के मन में आना स्वाभाविक हीं हो जाता है।


