त्रिवि सभा द्धारा २१ अरब १० करोड बराबर का बजट पारित ।
काठमाडौ । असोज २

त्रिभुुवन विश्वविद्यालय(त्रिवि) सभा के साधारण बैठक ने आर्थिक वर्ष २०७५÷०६७ के लिए रु २१ अरब १० करोड ८० लाख १३ हजार रुपैया बरावर का बजेट पारित किया है ।
प्रस्तावित बजट में रु ११ अरव ३१ करोड ७३ लाख ८५ हजार नेपाल सरकार से अनुदान के रुप में मांगा गया अाैर बाकी रु ९ अरब ७९ करोड ६ लाख २८ हजार आन्तरिक श्रोत के द्वारा व्यवस्था का प्रस्ताव किया गया ।
त्रिवि सभा के साधारण बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रधानमन्त्री एवं कुलपति के.पी शर्मा ओली ने कहा कि समृद्ध नेपाल सुखी नेपाली के अभियान काे सार्थक बनाने के लिए सक्षम दक्ष जनशक्ति निर्माण कर के विश्व के अब्बल विश्वविद्यालय के रुप में त्रिभुवन विश्वविद्यालय काेअागे बढना हाेगा । शिक्षाक्षेत्र में क्षमता के अाधार में जिम्मेवारी प्रदान करने अाैर देश के श्रोत अाैर साधन के अनुकुल नीति कार्यक्रम निर्धारण कर सञ्चालन करने का त्रिवि काे सुझाव दिया ।
शिक्षा,विज्ञान तथा प्रविधि मन्त्री गिरिराज मणी पोखरेल ने विश्वविद्यालय के अध्ययन काे उत्पादनशील तथा राष्ट्र की आवश्यकता अनुकुल हाेने की बात कही ।
त्रिवि के उपकुलपति प्रा.डा तीर्थराज खनिया ने कहा कि त्रिवि नेपाल के समस्त क्षेत्र के विकास के लिए आवश्यक जनशक्ति तैयार करने, राष्ट्रिय संस्कृति अाैर परम्परा का संरक्षण अाैर संवद्र्धन करने, कला, विज्ञान,प्रविधि तथा व्यवसायिक क्षेत्र के ज्ञान अाैर अनुसन्धान काे व्यापक अाैर समय सापेक्ष बनाने के लिए स्थापनाकाल से ही क्रियाशील है । ‘‘विकासका लागि त्रिवि भिजन – २०३०’’ तैयार कर कार्यान्वयन करने के लिए उन्हाेंने सम्पूर्ण अध्ययन संस्थान,सङ्काय,केन्द्रीय विभाग एवम् आङ्गिक क्याम्पस काे उत्कृष्टता के केन्द्र के रुप में विकास करने की बात कही ।
सभा ने त्रिवि कार्यकारी परिषद् के सदस्य में वनस्पतीशास्त्र का प्रा.डा मोहनप्रसाद पन्थी अाैर शिक्षाशास्त्र सङ्काय के डीन प्रा.डा कृष्णप्रसाद गौतम का नाम समेत अनुमोदन किया गया ।
कार्यक्रम में त्रिवि शिक्षाध्यक्ष प्रा.डा सुधा त्रिपाठी ने सभा सञ्चालन किया तथा रजिष्ट्रार डिल्लीराम उप्रेति ने आर्थिक वर्ष २०७५÷०७५के लिए प्रस्ताव बजेट पेश किया । बजेट विमर्श में आर्थिक विकास तथा प्रशासन अनुसन्धान केन्द्र(सेडा)के कार्यकारी निर्देशक डा.अरुण ठाकुर, सामुदायिक क्याम्पस संघ के सभापति भोलानाथ ओझा, जनप्रशासन क्याम्पस के स्ववियु सभापति पंकज क्षेत्री, नेपाल प्राध्यापक संघ के सभापति रामेश्वर उपाध्याय, नेपाल अाैर एशियाली अनुसन्धान केन्द्र (सिनास)के कार्यकारी निर्देशक डा. मिर्गेन्द्र बहादुर कार्की,त्रिवि पूर्व शिक्षाध्यक्ष प्रा.डा राममान श्रेष्ठ अादि ने अपनी टिप्पणी रखी ।
समाचार स्राेत त्रिवि सूचना

