Wed. Jul 15th, 2020

उत्तर प्रदेश से बढती नजदीकियां

हिमालिनी डेस्क
नेपाल के सीमावर्ती भारतीय प्रदेश बिहार, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में नेपाल की सबसे ज्यादा नजदिकी बिहार से ही है। हालांकि उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे नेपाल के जिलों के लोगों के लिए उत्तर प्रदेश ही अधिक महत्त्व रखता है। लेकिन राजनीतिक रूप से बिहार की चर्चा नेपाल में अधिक होती है। पहले यह चर्चा नकारात्मक रूप से होती थी जो कि नीतिश कुमार के मुख्यमंत्री बनने के बाद यह चर्चा अब सकारात्मक रूप से बदलती हर्ुइ दिखाई देती है।
उत्तर प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद से युवा नेतृत्व के हाथों में सत्ता का बागडोर सौंपे जाने के बाद से नेपाल के लोगों में भी एक नई उम्मीद जगी है। जैसे कि बिहार में आई राजनीतिक परिवर्तन का असर नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों से लेकर काठमाण्डू तक पडा है और उसका सबसे अच्छा परिणाम यह हुआ कि बिहार के प्रति ही नेपाल के लोगों में सकारात्मक सोच नहीं आई है बल्कि यहां के लोगों के खुद के नजरिये में ही बदलाव आया है। आम जनता में यह विश्वास बढÞा है कि परिवर्तन यदि इमानदारी में परिणत हो जाए तो कुछ भी बदलाव करना असंभव नहीं होता।
उत्तर प्रदेश के साथ भी नेपाल के अधिकांश सीमावर्ती इलाके जुडÞते हैं। लेकिन अब तक वहां की राजनीति से नेपाल की जनता अच्छी तरीके से रू-ब-रू नहीं हर्ुइ थी। हालांकि उत्तर प्रदेश के पर्ूव मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव नेपाल की राजनीति से अच्छी तरह से वाकिफ हैं और नेपाल के जो भी नेता दिल्ली जाते हैं मुलायम सिंह यादव से उनकी मुलाकात होती है चाहे वो प्रधानमंत्री की यात्रा ही क्यों न हो। नेपाल के मामलों में खासी दिलचस्पी रखने वालों में से एक मुलायम सिंह यादव का भी नाम आता है और यही कारण है कि भारत में जब नेपाल के बारे में कोई फैसला करती है तो मुलायम सिंह से भी सल्लाह ली जाती है।
सिर्फराजनीति ही नहीं अब व्यापारिक रूप से भी उत्तर प्रदेश से नेपाल का संबंध अच्छा हो इसके लिए कुछ व्यवसायियों और पत्रकारों ने इसकी पहल की और एक प्रतिनिधिमंडल उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव से मिलने लखनऊ पहुंचा था। २० जुलाई को नेपाल उद्योग वाणिज्य महासंघ की उपाध्यक्ष भवानी राणा के नेतृत्व में गए इस प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने नेपाल के औद्योगिक और व्यापारिक विकास के लिए उत्तर प्रदेश के साथ निकट संबंध को अपरिहार्य बताते हुए इसे सरल और सहज तरीके से आगे बढÞाने के लिए वातावरण बनाने का आग्रह किया।
३८ वर्षकी उम्र में ही भारत के सबसे बडे राज्य उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनने वाले अखिलेश ने नेपाली प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए नेपाल को दुनियां की सबसे ऊंचा देश बताया था। उन्होंने कहा कि आपके देश में सागरमाथा और भगवान गौतम बुद्ध की जन्मस्थली है, जिस पर पूरी दुनियां को ही गर्व है। नेपाली प्रतिनिधिमंडल से पहली बार भेंट करते हुए अखिलेश ने बताया कि अगली बार जब भी आप लोगों से मुलाकात होगी, उस समय आपके द्वारा कही गई कई समस्याओं का समाधान ढूंढÞ लिया जाएगा।
नेपाल के साथ सबसे लम्बी सीमा संबंध होने के बावजूद यातायात की पर्याप्त सुविधा के अभाव में उत्तर प्रदेश के साथ व्यापार के काम में कठिनाई आती है। नेपाली उद्योगपतियों के द्वारा इस संबंध में बताए जाने पर अखिलेश यादव ने कहा कि सडÞकों का विस्तार और सुधार की योजना तो निरन्तर चलती रहती है लेकिन नेपाल की सीमावर्ती क्षेत्र में चार लेन की चौडÞी सडÞक बनाने की योजना उत्तर प्रदेश सरकार की है। इस सडÞक के निर्माण के बाद दोनों देशों के बीच आवागमन की समस्या नहीं रहेगी। इसके अलावा अखिलेश ने तत्काल ही अपने अधिकारियों को नेपाली सीमा से जुडी हर्ुइ उत्तर प्रदेश की सडÞकों की मरम्मत करने का निर्देश भी दिया। नेपाल की सीमावर्ती जिलों को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से जोडÞने के लिए सभी सीमावर्ती जिलों में भी चार लेन की सडÞक बनाने की योजना उनकी सरकार की होने की बात अखिलेश ने नेपाली प्रतिनिधियों को बताई।
उत्तर प्रदेश और नेपाल की जनता की भाषा संस्कृति, पहनावा में समानता होने के कारण यहां और वहां में कोई भी खास अन्तर नहीं होने की बात अखिलेश ने बताई। सांस्कृतिक, सामाजिक और पारिवारिक रूप से एक दूसरे से जुडÞे होने के कारण इस मुलाकात को इसी संबंध में घनिष्ठ बनाने की शुरूआत के रूप में लिया गया है। अखिलेश ने कहा कि आपलोगों का यह आगमन हमारे बीच रही चिन्ता को समाप्त करने की शुरूआत है। इस तरह के भ्रमण को निरन्तरता देने पर भी उन्होंने जोडÞ दिया।
अखिलेश यादव ने सीमावर्ती क्षेत्रों में बनने वाली सडÞक से अधिकांश समस्याओं का समाधान होने की बात बताई। सडÞक विस्तार से नेपाल और भारत की सीमा में होने वाली आपराधिक गतिविधि तक को रोकने में मदत मिल सकती है। अखिलेश ने कहा सडÞकें अच्छी हों तो विकास का प्रतिफल भी जल्द ही आता है। यही आज की दुनियां की मान्यता है। गति दोगुना होने पर आर्थिक विकास तिगुना रूप से बढÞती है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान नेपाली प्रतिनिधिमंडल ने सीमावर्ती क्षेत्र के अपराधियों की तरफ से बढÞ रहे खतरे के बारे में उन्हें अवगत कराया। इसके जबाब में मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि यह दोनों देशों की समान समस्या है। नेपाल में अपराध कर भारत में छिपने और भारत में अपराध कर जाने वाले को नेपाल में पनाह मिलने के कारण इस समस्या को दोनों देशों को मिलकर हल करना होगा। अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि उन्होंने अपने कई युवा विधायकों को उत्तर प्रदेश और नेपाल के सीमावर्ती जिलों में जाकर वहां की समस्या से अवगत होने और उसके उपाय के बारे में जानने का काम दिया हुआ है।
सन १९९० में अपने पिता और उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव और गिरिजा प्रसाद कोइराला द्वारा संयुक्त रूप से व्यापारिक प्रयोजन के लिए लगाई गई नाकाबन्दी के बाद अवरूद्ध हर्ुइ सीमा को खोलने की बात स्मरण करते हुए कहा कि यदि नेपाल अपने जलश्रोत का भरपूर उपयोग करे तो नेपाल का तीव्र गति से विकास हो सकता है। मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि उनके राज्य में रहे विद्युत प्रसारण लाईन की क्षमता १० हजार मेगावाट से बढाकर ३० हजार मेगावाट पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। इसके स्तर उन्नति के लिए १० हजार करोडÞÞ रूपये खर्च करने और इसके निर्माण की जिम्मेवारी एक स्पेनी कंपनी को दिए जाने की जानकारी भी मुख्यमंत्री ने दी। उक्त कंपनी द्वारा यह काम शुरू किए जाने और इसका असर नेपाल की विद्युतीय अवस्था में भी परिवर्तन आने की बात यादव ने बताई।
इसके अलावा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश के आन्तरिक पर्यटन के विकास के लिए कुशीनगर में अन्तर्रर्ाा्रीय विमानस्थल का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। नेपाल और उत्तर प्रदेश दोनों के विकास के लिए दो महत्वपर्ूण्ा क्षेत्रों को प्राथमिकता में रखे जाने का सुझाव भी मुख्यमंत्री ने दिया। पहला जलश्रोत और दूसरा पर्यटन। कुशीनगर में बनने जा रहे अन्तर्रर्ाा्रीय विमानस्थल से नेपाल के आन्तरिक पर्यटन पर भी सकारात्मक असर पडने की बात मुख्यमंत्री यादव ने बताई। उत्तर प्रदेश से नेपाल के धार्मिक स्थलों पर जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या हजारों में होती है और इससे नेपाल में धार्मिक पर्यटन को बढÞावा मिल सकता है।

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