गाडी और राष्ट्रपति को लेकर विरोध करनेवाले व्यक्ति गणतन्त्र विरोधीः मन्त्री बास्कोटा
काठमांडू, २३ नवम्बर । कुछ दिनों से खूब चर्चा–परिचर्चा का विषय है– राष्ट्रपति के लिए हो रहे १८ करोड रुपैया की गाडी खरीद प्रकरण । चारों ओर इसके संबंध में विरोध हो रहा है, लेकिन सरकार ने इस प्रकरण को बचाव करते हुए कहा है कि यह गणतन्त्र को बदनाम करने की षड्यन्त्र है । बिहीबार सरकार के प्रवक्ता तथा सूचना प्रविधि मन्त्री गोकुल बास्कोटा ने गाडी खरीद प्रस्ताव और राष्ट्रपति को बचाव करते हुए कहा है कि जिस तरह बाजार में समाचार आ रहा है, वास्तविकता वैसी नहीं है ।
मन्त्री बास्कोटा ने कहा– ‘राष्ट्रपति के लिए सवारी खरीद और कार्यालय व्यवस्थापन के संबंध में जिस तरह का टिका–टिप्पणी हो रही है, उसके संबंध में सरकार जानकार है, कई लोगों ने अनजान में टिप्पणी किया है और कई लोग लोकतान्त्रिक गणतन्त्र विरोधी हैं, ऐसे लोग नव स्थापित व्यवस्था और संस्थाको बदनाम करना चाहते हैं, लोकतन्त्र को कमजोर बनाना चाहते हैं ।’
मन्त्री बास्कोटा को कहना है कि सम्मानित संस्था को विवादित बनाने के लिए ही गाडी खरीद प्रकरण को उठाया गया है । उन्हों ने कहा कि १८ करोड में सिर्फ एक गाडी नहीं खरीदा जा रहा है, उक्त मूल्य में एक बुलेट प्रुफ कार, अगुवा–पछुवा, एम्बुलेन्स और वैकल्पिक व्यवस्था की गाडी भी है । उन्होंने दावा किया कि राष्ट्रपति ने उक्त गाडी नहीं माग किया है, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति की सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी है, वही जिम्मेदारी अनुसार ही सरकार अपनी काम कर रही है ।

