फोरम नेपाल ने दिया सरकार को १२ सूत्रीय स्मरण पत्र
काठमांडू, ६ जनवरी । सत्तारुढ संघीय समाजवादी फोरम नेपाल ने प्रधानमन्त्री केपीशर्मा ओली को १२ सूत्रीय ध्यानाकर्षण पत्र दिया है । पत्र में कहा गया है कि संविधान संशोधन संबंधी मुख्य एजेण्डा सहित नेपाल कम्युनिष्ट पार्टी (नेकपा) के साथ दो सूत्रीय सहमति कर फोरम नेपाल सरकार में सहभागी हो गई थी, लेकिन ४–५ महीनों से अधिक होने के बाद भी संविधान संशोधन संबंधी प्रक्रिया शुरु नहीं की गई है । पत्र में कहा गया है कि तत्काल संविधान संशोधन संबंधी प्रक्रिया शुरु होनी चाहिए ।
शनिबार प्रधानमन्त्री निवास बालुवाटार में आयोजित एक भेटघाट के दौरान फोरम नेपाल की ओर से १२ सूत्रीय स्मरणपत्र प्रधानमन्त्री को दिया गया है । कार्यक्रम में प्रधानमन्त्री केपीशर्मा के अलवा नेकपा के अध्यक्ष पुष्पकमल दाहाल, गृहमन्त्री रामबहादुर थापा, पार्टी सचिव विष्णु पौडेल आदि नेता सहभागी थे । फोरम नेपाल की ओर से पार्टी अध्यक्ष तथा स्वास्थ्य मन्त्री उपेन्द्र यादव, नेता अशोक राई, राजेन्द्र श्रेष्ठ, रकम चेम्जोङ, हेमराज राई रामसहायप्रसाद यादव आदि नेता सहभागी थे ।
ध्यानाकर्षण पत्र में लिखा गया है– ‘पुरे विश्व में उदारवादी और रुढीवादी शक्ति सबल हो रहे हैं, ऐसी अवस्था में नेपाल में प्रगतिशील शक्तियों की सरकार निर्माण होना महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक उपलब्धी भी । लेकिन सरकार गठन की १ साल हो रहा है, तब भी जनता उसकी अनुभूति नहीं कर पा रही है, ऐसी अवस्था क्यों आ रही है ?’ फोरम नेपाल ने मांग किया है कि संसद् की इसी सत्र में संविधान संशोधन संबंधी विधेयक प्रस्तुत किया जाए ।
इसीतरह नेकपा और फोरम के बीच संयुक्त कार्यदल निर्माण, गणतन्त्र की संस्थागत विकास, कर्मचारी तन्त्र की राजतीतिक परनिर्भरता की अन्त्य, राष्ट्रीय हित के लिए संतुलित संबंध और कुटनीतिक प्रयास आदि विषयों में भी ध्यानाकर्षण पत्र में उल्लेख की गई है ।

