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नजरे मेरी तुम्हें तलाशती रही (कविता) : गुलाब चंद पटेल (अनुरागी)

 

पल पल

पल पल तुम्हें मिलने

मै राह देखता रहा

पल पल मेरी पलकें.

भीगने लगी

नजरे मेरी

तुम्हें तलाशती रही

पल पल तेरी राह

देखता रहा .

नसीब की परछाई

पल पल

तुम्हें याद करता रहा

द्विधा मे भी तेरा साथ रहा

पल पल नहीं तो

एक पल भी तुम. देखेगी हमे

वो पल ढूंढता रहा

जो प्यार के लिए

मै तरसता रहा

मै भावना छोड़कर

पल पल तेरी यादे

खोजता रहा तुम्हें

गुलाब चंद पटेल (अनुरागी)

गुलाब चंद पटेल (अनुरागी) कवि लेखक अनुवादक नशा मुक्ति अभियान प्रणेता

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