Tue. Jun 30th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

नेपाल भारत सीमा तक जलमार्ग तैयार किया जाएगा

 

काठमान्डाै १२ फरवरी

भारत सरकार द्वारा एक वर्ष के भीतर नेपाल–भारत सीमा क्षेत्र के त्रिवेणीघाट सतक जल यातायात का सञ्जाल विस्तार हाे सकता है इससे नेपाल सरकार से फायदा लेने का  आग्रह किया है ।  भारत भ्रमण में रहे ऊर्जा, जलस्रोत तथा सिँचाइमन्त्री वर्षमान पुन और भारत के जलस्रोत, नदी विकास तथा गङ्गा संरक्षणमन्त्री नितिन गडकरी के बीच आज  द्विपक्षीय भेटवार्ता के क्रम में भारतीय पक्ष ने यह आग्रह किया है ।

नेपाल सरकार द्वारा  पानीजहाज सञ्चालन के लिए कार्यालय स्थापना किए जाने और अध्ययन  प्रक्रिया शुरु करने के सन्दर्भ में भारत सरकार नेपाल–भारत सीमा क्षेत्र के साथ पानीजहाज सञ्चालन के लिए आवश्यक तैयारी किए जाने और एक वर्ष के भीतर इस  कार्य  काे सम्पन्न करने की जानकारी दी है ।

यह भी पढें   भूटान के गृह मंत्री लियोन्पो छिरिंग ने लुंबिनी स्थित मायादेवी मंदिर का दर्शन किया

कोलकत्ता हाेते हुए हल्दिया से नारायणी नदी तथा दाे देशाें की सीमा त्रिवेणीघाट तक जल यातायात मार्ग का निर्माण सम्पन्न हाेने की  बात कहते हुए भारतीय पक्ष ने इससे नेपाल काे फायदा लेने के लिए कहा है ।   मुलाकात में सहभागी नेपाल विद्युत् प्राधिकरण के प्रवक्ता प्रवल अधिकारी ने जल यातायात के क्षेत्र में हाे रहे प्रगति के विषय में मन्त्री पुन और भारतीय मन्त्री गडकरी के बीच महत्वपूर्ण चर्चा हाेने की जानकारी दी ।

प्रधानमन्त्री केपी शर्मा  ओली द्वारा गत चैत में किए गए भारत भ्रमण में भी पानीजहाज सञ्चालन के विषय में भारतीय पक्ष के साथ महत्वपूर्ण चर्चा के सन्दर्भ में मंगलबार मन्त्रीस्तरीय बातचीत हुई है। जल तथा ऊर्जा आयोग के सचिवालय जल यातायात और पानीजहाज सञ्चालन के विषय में अध्ययन कर रहे हैं।

यह भी पढें   स्वर्गद्वारी नगरपालिका के उपप्रमुख मीनराज राना मगर की सड़क दुर्घटना में मृत्यु

भारत सरकार कोलकत्ता से वनारस तक पानीजहाज सञ्चालन में ला चुकी है। सरकार कुछ दिन पहले ही   पानीजहाज सञ्चालन के लिए  प्रशासनिक संयन्त्र निर्माण करने का  निर्णय किया था।

इस कार्यालय के लिए  १६ लाेगाें की जनशक्ति रखना तय हुआ है। इससे पहले जल तथा ऊर्जा आयोग के सचिवालय भी पानीजहाज सञ्चालन के लिए  समिति गठन कर अध्ययन कर रहा है। प्रारम्भिक अध्ययन के अनुसार कोशी और नारायणी नदी में पानीजहाज चलाया जा सकता है ।

नेपाल में इससे पहले  विसं २०२७ में ही पानीजहाजसम्बन्धी कानूनी प्रबन्ध किया गया था। प्रधानमन्त्री केपी शर्मा ओली और भारतीय प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी के बीच के विमर्श के  आधार में सरकार ने जलमार्ग के विषय में  भारतीय पक्ष के साथ द्विपक्षीय परामर्श के लिए संयन्त्र बनाया है।

यह भी पढें   जापान में रविवार सुबह-सुबह भूकंप के झटके,6.1 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप

भारत कोलकाता से हल्दिया हाेते हुए बनारस तक  करीब एक हजार ४०० किलोमीटर लम्बा जलमार्ग निर्माण कर रहा है। मन्त्री पुन और भारतीय जलस्रोतमन्त्री गडकरी के बीच आज हुई मुलाकात में  पानीजहाज और जल यातायात के विषय में महत्वपूर्ण संवाद हाेने और जल्द ही परिणाम आने की जानकारी  प्राधिकरण के प्रवक्ता अधिकारी ने दी है।

भेटवार्ता में प्राधिकरण के कार्यकारी निर्देशक कुलमान घिसिङ, नेपाल के लिए  भारतीय राजदूत मञ्जिवसिंह पूरी की भी सहभागिता थी।

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *