नेपाल भारत मैत्री समाज द्वारा राजदूत श्री नीलाम्बर आचार्य का स्वागत
काठमांडू, १३ फरवरी २०१९ |आज एक भव्य कर्यक्रम में भारत के लिए नेपाल के राजदूत श्री नीलाम्बर आचार्य जी का स्वागत किया गया ।
इस अवसर पर नव नियुक्त राजदूत श्री नीलाम्बर आचार्य ने कहा कि दोनों देशों का आध्यात्मिक और सांस्कृतिक सम्बन्ध बहुत पुराना है । हमारा सम्बन्ध प्रगाढ़ है । उन्होंने कहा कि आधुनिकता के आधार पर सम्बन्ध का विकास जरूरी है । भविष्य देखकर सम्बन्ध का विकास होना चाहिए । विश्व के बदलते समय अनुसार ही हमारा सम्बन्ध कायम करना पड़ेगा । कोई भी काम जनता को भूल कर नही हो सकता । हमे जनता को देखकर ही काम करना होगा । ई.पी.जी. के वारे में उन्होंने कहा कि जब तथ्य सामने आएगा तब सबको पता चल जाएगा । हमे शंका के आधार पर काम नही करना चाहिए ।
उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र में हम सक्षम हो गए उसमे हम भी सहयोग कर सकते है । जहाँ जरूरी है वहॉ हम सहयोग लेंगे । उन्होंने कहा कि मैं नही मानता कि नेपाल भारत सम्बन्ध बिगड़ा है । उन्होंने उदाहरण देते हए बताया कि मोदी साहब नेपाल आकर जो उदगार व्यक्त किये उससे हम सभी नेपाली बहुत खुश हुये । उन्होंने आग्रह किया कि इपीजी पर शंका उपशंका करना ठीक नही है ।
कार्यक्रम में भारतीय दूतावास के डी.सी.एम. डॉ अजयकुमार ने श्री आचार्य को बधाई देते हुए कहा कि नेपाल भारत का सम्बन्ध हमारे पूर्वजों की देन है जिसे की दोनों देशों की जनता ने मजबूती प्रदान की है । उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि श्री नीलाम्बर आचार्य के जाने से सम्बन्ध और मजबूत होगा ।
कार्यक्रम में DAV के अध्यक्ष अनिल केडिया ने सलाह दिया कि जो काम करता है वही कंट्रोभरसी में पड़ता है । आप उसकी परवाह नही कीजिये कंट्रोभरसी में पड़िये पर काम करके आइये । डोर क्लोज नही कीजिये दरवाजा खुला रहेगा तो अपने आप एक्सपर्ट आएंगे और विचारो का आदान प्रदान होगा |
इस अवसर पर नागरिक समाज के अगुआ डा.सुन्दर मणि दीक्षित कहा कि भारत का नेपाल के प्रति इंटरेस्ट अब कम हो गया है जो कि दुर्भाग्य की बात है| इसका वजह हो सकता है कि नेपाल का झुकाव चीन के तरफ है | उन्होंने आग्रह किया कि भारत से किसी भी हालत सम्बन्ध नही बिगड़ना चाहिए |
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए नेपाल भारत मैत्री समाज के अध्यक्ष प्रेम लश्करी ने अपने स्वागत भाषण के जरिये नेपाल भारत के सम्बन्धो पर प्रकाश डाला ।श्री लश्करी ने राजदूत आचार्य का स्वागत करते हुये आग्रह कि हमे दोनों देशों में काम कर रहे लोगों को भूलना नही चाहिए । उन्होंने हाल ही में हुई वर्क परमिट की चर्चा की ओर भी ध्यानाकर्षित किया | कार्यक्रम में फ्लोर खुला किया गया जिसमे २० वक्ताओं ने अपना विचार सुझाव के रूप में दिया | कार्यक्रम में भारतीय दूतावास से प्रथम सचिव सौम्या की उपस्थिति थी |



