आईएसआई और माओवादी के बीच सांठगांठ
भारत नेपाल सीमा कभी भी सुर क्षित नहीं र ही । कभी नेपाली घुसपैठ कर तस् कर ी कर ते पकडÞे गए तो कभी नेपाल के र ास् ते आतकंवादी देश में प्रवेश कर ते धर े गए । इन दिनों भार त-नेपाल सीमा पर आइएसआई की गतिविधियां बढÞ गयी हैं ।
पुलिस ने चेकिंग के दौर ान उत्तर प्रदेश के महार ाजगंज-नेपाल सीमा पर चालीस घुसपैठियों को हिर ासत में लिया है । यह सुर क्षाकर्मियों की आंख में धूल झोंककर सीमा के इस पार आने का प्रयास कर र हे थे । पकडÞे जाने पर यह पता चला कि इन लोगों का संबंध आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दीन से है । सुर क्षा एजेंसियां और सबूत जुटाने की कोशिश कर र ही हैं ।
महार ाजगंज-नेपाल सीमा पर तैनात सुर क्षा एजेंसियों को खबर मिली कि भार ी संख्या में घुसपैठिए काठमांडू से आ र हे हैं जो नेपाल के र ास् ते देश में प्रवेश कर ने की कोशिश कर ेंगे । सूचना मिलने पर र्सतर्क हर्र्ुइर् सुर क्षा एजेंसियों ने निगर ानी और बढÞा दी । इस बीच चालीस के कर ीब संदिग्ध लोगों को हिर ासत में लिया गया, जो चुपचाप सीमा पार कर ने का प्रयास कर र हे थे । ये लोग सोनौली सीमा से होते हुए भार त आ र हे थे ।
हिर ासत में लिए गये लोगों में दस पुरूष, छह महिलाएं और शेष बच्चे हैं । सुर क्षा एजेंसियों को शक है कि इन में आतंकी संगठन मुजाहिदीन से जुडÞे लोग हो सकते हैं । बताया जाता है कि इनमें से कई लोग पाकिस् तान भी जा चुके हैं, इन सभी को नौतनवां के एक गेस् ट हाउस में र खा गया, जहां इन सभी से पूछताछ की गई ।
सुर क्षा एजेंसियां इस बात की हकीकत पता कर ने का प्रयास कर र ही हैं कि इन लोगों का आतंकी संगठन मुजाहिद्दीन से क्या संबंध है और उन्हें भार त में किस कार्य के लिए भेजा गया था । पूछताछ के दौर ान यह भी पता चला कि आइएसआइ के एजेंट भार त-नेपाल सीमा के र ास् ते भार त में आने के फिर ाक में लगे हुए हैं । इन का संबंध माओवादियों से होने की आशंका है ।
आईएसआई माओवादियों को हथियार की आपर्ूर्ति भी समय-समय पर कर ता र हा है । ज्ञात हो कि पिछले वर्षबिहार के किशनगंज और अर रि या में जाली नोटों के साथ पाकिस् तानी नागरि कों को पकडÞा गया था । पूछताछ में उसका संबंध आइएसआई से होने की बात सामने आयी थी ।

