मधेश की राजनीतिक गोलचक्कर में पूर्व राजा शाह का मधेश भ्रमण
काठमांडू । मधेश की राजनीति पेंचिदा होते समय पूर्व राजा ज्ञानेन्द्र शाह मधेश भ्रमण करेंगे । रेशम चौधरी का जन्म कैद, राष्ट्रीय जनता पार्टी राजपा का सरकार को दी हुयी समर्थन वापस लेना, सिके राउत को रिहा करना और उसके बाद ११ बुंदे सहमति की राजनीतिक गोलचक्कर में मधेश की राजनीति है । ऐसे अवस्था में शाह का मधेश भ्रमण कुछ हद तक अर्थपूर्ण लग रहा है ।
ज्ञानेन्द्र शाह का मधेश भ्रमण पांच दिनों के लिये तय हुआ है ।ज्ञानेन्द्र के सचिवालय स्रोत के अनुसार फागुन २९ गते से भ्रमण की शुरुवात होगी । मधेश के विभिन्न देव स्थलों का भी भ्रमण करेंगे ।
शाह का भ्रमण धार्मिक दृष्टिकोण से होते हुये भी राजनीतिक माना जा रहा है । मधेश की राजनीति में उधल पुथल के समय उनका मधेश जाना निसंदेह मधेशियों का मनसाय जानना है ।
मधेश में वे विभिन्न राजनीतिक व्यकितयों से मुलाकात करेंगे तथा उनका स्वागत भी उच्च स्तर पर किया जायेगा ।

