सीके राउत की तुलना प्रचण्ड के साथ नहीं हो सकताः डा. भट्टराई
काठमांडू, १८ मार्च । नयां शक्ति पार्टी नेपाल के संयोजक डा. बाबुराम भट्टराई ने कहा है कि नेपाल कम्युनिष्ट पार्टी के अध्यक्ष पुष्पकमल दाहाल के साथ सीके राउत की तुलना किसी भी दृष्टिकोण से जायज नहीं है । डा. भट्टराई को मानना है कि प्रचण्ड की हाइट के तुलना में सीके राउत की हाइट कुछ भी नहीं है ।
स्मरणीय है– सरकार और सीके राउत के बीच सम्पन्न ११ सूत्रीय सम्झौता के दौरान प्रधानमन्त्री केपीशर्मा ओली ने डा. राउत को नेकपा के अध्यक्ष प्रचण्ड के साथ किया था, उसकी की ओर असन्तुष्टी व्यक्ति करते हुए सोमबार काठमांडू में आयोजित पत्रकार सम्मेलन में डा. भट्टराई ने कहा– ‘हम लोग (प्रचण्ड–बाबुराम) आज अलग–अलग जगहों में हैं, यद्यपि प्रचण्ड जनयुद्ध को लिडरशीप करते हुए यहां तक आए हैं, नेपाल को संघीय लोकतान्त्रिक गणतन्त्रात्मक राज्य बनाने के लिए उनका योगदान महत्वपूर्ण हैं । आज आकर सीके राउत को प्रचण्ड के साथ तुलना करना ठीक नहीं है, यह कैसे हो सकता है ?’
डा. भट्टराई ने आगे कहा कि सीके राउत शान्तिपूर्ण राजनीति में आए हैं तो उनको स्वागत करनी चाहिए, लेकिन सरकार के साथ की गई ११ सूत्रीय सम्झौता को उन्होंने आत्मसमर्पण कहा । उन्होंने आगे कहा– ‘क्या बाबुराम और प्रचण्ड आत्मसमर्पण करते हुए शान्ति प्रक्रिया में आए हैं ? नहीं ।’ डा. भट्टराई ने कहा कि सीके और प्रचण्ड के बीच तुलना करना हाथी और हाथी छाप चपल के बीच तुलना करना जैसा ही है । उन्होंने यह भी कहा कि सरकार और सीके राउत पक्षधरबीच जो सहमति हुई है, यह तो घी और चाकू बेचनेवालों की कथा जैसी ही है ।
पूर्व प्रधानमन्त्री भी रहे डा. भट्टराई ने आगे कहा– ‘हम लोगों ने घी और चाकू बेचनेवालों की कथा सुनी है । यहां सीके राउत का भी स्वार्थ हो सकता है, प्रधानमन्त्री का भी । प्रधानमन्त्री को लग रहा है कि मैंने सीके को ठगा है, सीके भी ठान रहे हैं कि मैंने सरकार को ठगा है, यह तो घी और चाकू बेचनेवालों की कथा है ।’ डा. भट्टराई ने कहा कि सर्वोच्च अदालत को भी प्रभावित करते हुए सरकार ने डा. राउत के साथ सम्झौता किया, जो विल्कुल जायज नहीं है । उनका मानना है कि सरकार ने डा. राउत को बुद्ध और पृथ्वीनारायण शाह के बाद तीसरा ‘हिरो’ बनाया है, जो स्वीकार्य नहीं है ।


