रिश्तों पर टेक्नोलॉजी हावी न हो,फेसबुक, वाट्सएप जिंदगी का हिस्सा हैं जिंदगी न बनने दें .
निक्की शर्मा’रश्मि
सोशल साइट्स जहाँ आज हमारे जीवन का हिस्सा बन गए हैं। वहीं पर हमारे लाइफ स्टाइल को बहुत बदल भी रहे हैं। कई अनमोल पलों को हमसे छीन रहें हैं। जहाँ हम साथ बैठकर बातें करते थे वहाँ आज वाट्सएप, मैसेज और फेसबुक ने ले ली है। और इतना ही नहीं अब इनसे जिंदगियों को भी खतरा हो गया है। 21 वीं सदी है यह। टेक्नोलॉजी की सदी। अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी को समर्पित युग। इसमें वर्चुअल वर्ल्ड हावी हो गया है। आभासी दुनिया के खतरे क्या किशोर, क्या युवा, क्या परिपक्व सभी को अपनी गिरफ्त में ले रहे हैं। आज का युवा व किशोर वर्ग इस तरह से आभासी दुनिया को ही इतना सच समझने लगा है कि वह इसके चक्कर में अपनी जान गंवा बैठता है। इसी साल जनवरी में मुंबई में एस्ट्रल ट्रेवलिंग की बलि एक मासूम लड़की चढ़ गई। भोईवाड़ा इलाके में एक नाबालिग लड़की ने खुदकुशी कर ली। हालांकि घरवालों का दावा है कि उनकी बेटी की मौत यूट्यूब पर देखे जाने वाले एस्ट्रल ट्रेवल वीडियो की वजह से हुई। घरवालों के मुताबिक 15 साल की श्रावणी अक्सर वो वीडियो देखा करती थी। इस प्रकार के वीडियो में बताया जाता है कि आत्मा को शरीर से निकालकर फिर से प्रवेश कराया जा सकता है। इसे जीते जी स्वर्ग की यात्रा के तौर पर जाना जाता है। बहरहाल, आज की टेक्नोलॉजी का यह दुष्परिणाम है। वैसे रिश्ते जहाँ टेक्नोलॉजी से करीब आएं हैं वहाँ दूरियाँ भी आई है।हमें लगता है हम रोज मैसेज कर के बात कर लेते है फोटो देख लेते हैं। बस यहीं से दरार आनी शुरू हो जाती है।
सोशल साइट्स से जहाँ हमें बहुत सारी खुशी, फायदे मिलती हैं वहीं हमारी थोड़ी सी गलती हमारे रिश्तों को नुकसान भी पहुंचाती है।रिश्तों में शक हमारे जिंदगी की खुशियां छीन लेता है।सोशल साइट्स पर बहुत सारे लाइक्स और कमेंट जहांँ हमें खुशी देते है वहीं कहीं न कहीं परेशान भी करते हैं। फालतु के मैसेज, फ्रेंड रिक्वेस्ट अलग परेशानी पैदा करते हैं।आज हम जिस तरह सोशल मीडिया के करीब जा रहें हैं कहीं न कहीं रिश्तों से दूर होते जा रहें हैं।सोशल साइट्स में बहुत सारे लोग हमारी और आपकी जिंदगी में जबरदस्ती घुसने की कोशिश करतें हैं। आनलाइन होते ही मैसेज करना,फोटो भेजना मैसेंजर पर, वाट्सएप पर शुरू कर देते हैं।आपके नहीं चाहने पर भी कयी तरह की बातें वो बार बार मैसेज करते हैं।अगर घर के कोई अन्य सदस्य ने पढ़ा तो बहुत बुरा लगता है पर उन्हें उसकी कोई फिक्र नहीं होती। अगर लाइफ पार्टनर हो तो और भी ज्यादा बुरा लगता है।इसका असर धीरे धीरे बढ़ता जाता है। अगर वो समझदार हैं तो रिश्ते संभल जाते हैं पर अगर कोई परिवार का सदस्य समझदार न हो तो ?वो ये सब न समझे तो? तो रिश्तों में खटास आनी शुरु हो जाती है।
आज एक ही घर में रहकर हम फोन पर लगे होते हैं।चाय पी रहे हो तब भी, नाश्ता कर रहें हो तब भी,फोन हमारे साथ होता है।रिश्ते न के बराबर रिश्तों की मिठास, रिश्तों की खिलखिलाहट कहीं गुम हो गई है। रिश्तो में दरार पैदा होने की एक वजह विश्वास में दरार आने का होता है।आप सोचेंगे वो कैसे?जी हाँ पति पत्नी एक दूसरे पर विश्वास करते है और प्यार भी लेकिन अगर पासवर्ड हो फोन में और आप ने एक दूसरे से पासवर्ड छूपा रखा हो और बार बार पूछने पर भी नहीं बताते छूपाते हैं तो धीरे धीरे विश्वास में दरार आनी शुरू हो जाती हैजो हमारे रिश्तों तक पहूंच जाती है बार बार मन में सवाल आता है कहीं कुछ छूपा तो नहीं रहा साथी छोटी छोटी बातें दिमाग में घर करने लगती है और हमारे रिश्ते में दरार शुरू हो जाती है इसलिए एक बात याद रखें… रिश्तों को जगह दें फोन या सोशल साइट्स को नहीं।
फेसबुक, वाट्सएप जिंदगी का हिस्सा हैं जिंदगी न बनने दें।रिश्तों को सहेजें संवारे अपना थोड़ा सा समय देकर।हाँ और एक बात जरूर सोचें रिश्तों में थोड़ी दरार सोशल मिडिया तो नहीं मेरे यार। सोशल साइट्स पर थोड़ा सतर्क रहें।अनजान से बातें ज्यादा न करें।जरूरत हो तभी करें।सोशल साइट्स के दोस्तों को पहले समझे परखें फिर मिलें जुलें।फ्रेंड रिक्वेस्ट आने पर पूरी प्रोफाइल चेक करें। और घर का कोई सदस्य अगर सोशल मीडिया या टेक्नोलॉजी का एडिक्ट है तो उस पर ध्यान दें।
निक्की शर्मा’रश्मि’ मुम्बई

