देश का भविष्य युवाओं के हाथ मेंः मन्त्रीपरिषद के पुर्व अध्यक्ष रेग्मी
काठमांडू, ११ अप्रिल । मन्त्रिपरिषद् के पूर्व अध्यक्ष एवं सर्वोच्च अदालत के पूर्व प्रधानन्यायाधीश खीलराज रेग्मी जी ने कहा है कि देश का भविष्य युवाओं के हाथ में है । युवाओं को नेतृत्व क्षमता विकास के लिए आग्रह करते हुए उन्होंने कहा है कि खुद को परिवर्तन कर युवाओं को स्वमुल्यांकन करते हुए अपनी क्षेत्र में नेतृत्व लेना जरुरी है । काठमांडू स्थित लीडरशीप एकेडेमी, अमेरिका स्थित युनिभर्सिटी ऑफ सान डिएगो क्रक स्कुल , क्रक इन्स्टिच्युट फर पीस एण्ड जस्टिस और स्वीस सरकार विकास सहयोग (एसडीसी के संयुक्त आयोजन में सञ्चालित ‘राष्ट्रीय युवा नेतृत्व अध्ययन कार्यक्रम की दूसरे सत्र को गुरुबार काठमांडू में सम्बोधन करते हुए मन्त्रिपरिषद् के पूर्व अध्यक्ष रेग्मी जी ने उक्त बात कही है ।
कार्यक्रम को सम्बोधन करते हुए उन्होंने आगे कहा– ‘विनय, विवेक और परोपकारी भावना को वृद्धि करते हुए अहंकार और आत्मकेन्द्रित भावनाओं भी त्यागना होगा । देश की समृद्धि के लिए शिक्षा प्रणाली में आमूल परिवर्तन जरुरी है, उसके लिए युवाओं को अग्रसर होना चाहिए ।’ उनका मानना है कि राष्ट्रीय युवा नेतृत्व अध्ययन कार्यक्रम समावेशिता के लिए एक नमूना कार्यक्रम भी है ।

नेपाल स्थित स्वीटजरल्याण्ड के उपराजदूत दीपक एइल्मर ने कहा कि राष्ट्रीय युवा नेतृत्व अध्ययन कार्यक्रम ने नेपाली युवाओं को एक मञ्च उपलब्ध कराया है, जो उन लाेगों के लिए प्रभावकारी है । उन्होंने दावा किया कि विभिन्न पृष्ठभूमि के उदयीमान युवाओं के समूह ने सामुदायिक तथा राष्ट्रीय स्तर में भी विभिन्न समस्या समाधान के लिए सहयोग किया है ।
आईपीजे के कार्यक्रम अधिकृत डेनियल ओर्थ ने कहा कि नेपाली युवाओं में जो जोश और लगनशीलता है, उससे वह काफी प्रभावित हो गए है । उन्होंने आगे कहा कि ‘विविधता में एकता और सहकार्य ही राष्ट्रीय युवा नेतृत्व अध्ययन कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है ।
प्रथम बैच की ओर से अपना अनुभव बांटते हुए जिसस झापा के प्रमुख सोमनाथ पोर्तेल ने कहा कि कार्यक्रम से उनको यह सीखने को मिला है कि जो कई लोगों के लिए महत्वपूर्ण नहीं भी लग सकता है, लेकिन सिखाया गया, वह व्यवहारिक जरुर है । उनका मानना है कि प्रशिक्षण के जरिए सामूहिक काम करने का तरीका, व्यवहारिक कला, आदि सीखने को मिला है । सहभागी सोनी महतो ने कहा कि युवाओं को और ज्यादा प्रभावकारी बनाने के लिए युवाओं मे विकसित नेतृत्व क्षमता को और बिस्तार और प्रभावकारी बनाने के लिए और भी कार्यक्रम की आवश्यकता है ।

कार्यक्रम में देश के सातों प्रदेश से ४० युवा सहभागी थे । आयोजक संस्था ने कहा कि पूर्व से लेकर पश्चिम तक, पहाड से लेकर हिमाल और तराई तक के युवाओं ने कार्यक्रम में प्रतिनिधित्व किया है । संस्था को यह भी कहना है कि युवा नेतृत्व को प्रभावकारी बनाने के लिए और उन लोगों में विकसित नेतृत्व क्षमता को बिस्तार और अभिवृद्धि के लिए कार्यक्रम संचालन में लाया गया है । कहा गया है कि ग्रामीण तथा स्थानीय स्थर में काम करनेवाले २५ से लेकर ४० साल तक के युवा समूह के राजनीतिक तथा गैर राजनीतिक क्षेत्र में सक्रिय युवाओं को राष्ट्रीय स्तर में पहचान बनाने के लिए कार्यक्रम सहयोगसिद्ध होगी ।

