काठमान्डू में भूमाफिया द्वारा एक हजार आठ साै ५९ रोपनी १४ आना तीन पैसा तीन दाम जमीन कब्जा
काठमाडौं –१४ अप्रैल

बालुवाटार स्थित प्रधानमन्त्री निवास के साथ की सरकारी सम्पत्ति एक हजार आठ सय ६० रोपनी ललितानिवास व्यक्ति के नाम में हाेने की जानकारी पञ्चायती व्यवस्था अन्त हाेने के ६ वर्ष के बाद तथ्य मिला है ।
ललितानिवास की जमीन विवाद सम्बन्धी तथ्य खोजने के क्रम में माफिया द्वारा अन्य स्थान में भी अर्बौं रूपैया मूल्य बराबर की सार्वजनिक तथा सरकारी जमीन हडपने का तथ्य मिला है ।
२०४६ साल में पञ्चायती व्यवस्था खतम हाेने के साथ ही मालपोत, भूमिसुधार और नापी कार्यालय के कर्मचारी तथा भूमाफिया मिलकर काठमाडौं नगर क्षेत्र में पडने वाली एक हजार आठ साै ५९ रोपनी १४ आना तीन पैसा तीन दाम जमीन कब्जा करने की सरकार द्वारा गठित छानबीन आयोग के प्रतिवेदन में उल्लेख है। छानबिन आयोग प्रतिवेदन २३ वर्ष पहले यह प्रतिवेदन दिया था ।
२०४९ साल में तत्कालीन भोगाधिकारी और उसके बाद विवादास्पद निर्णय करा कर माफिया, व्यापारी और मालपोत के कर्मचारी के सहयाेग से हडपे हुए ललितानिवास की जमीन वापस तथा घाेटाला में संलग्न व्यक्ति के उपर कारबाही करने का जिम्मा सरकार ने अख्तियार दुरूपयोग अनुसन्धान आयोग और प्रहरी के केन्द्रीय अनुसन्धान ब्युरो काे दिया है ।

