श्रीलंका बलास्ट पुलिस काे पहले से थी आशंका ।अब तक १५६ की माैत मरने वालाें की संख्या निरंतर बढ रही है
कोलंबो, एजेंसी।
श्रीलंका में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है। एएफपी की रिपोर्ट के मुताबिक, श्रीलंका के पुलिस प्रमुख ने 10 दिन पहले ही इनपुट दिया था कि देश में बम धमाकों के जरिए बड़े हमले हो सकते हैं। अलर्ट में कहा गया था कि फिदायीन हमलावर देश के प्रमुख चर्चों को निशाना बनाने की योजना बना रहे हैं। खुफिया रिपोर्ट की मानें तो कोलंबो में भारतीय उच्चायोग भी हमलावरों के निशाने पर था। यही नहीं इन हमलों के पीछे एक मुस्लिम संगठन का हाथ होने का संदेह जताया जा रहा है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि पुलिस प्रमुख पुजुथ जयसुंदर ने 11 अप्रैल को ही देश के आला अधिकारियों को इनपुट भेजा था जिसमें ऐसे हमलों की आशंका जताई गई थी। उक्त अलर्ट में एक विदेशी इंटेलीजेंस एजेंसी का भी इनपुट जोड़ा गया था। ताजा इनपुट में कहा गया था कि नेशनल तौहीत जमात (एनटीजे) नामक संगठन श्रीलंका के अहम गिरजाघरों को निशाना बनाने की ताक में है। यही नहीं ऐसे हमलों के निशाने पर भारतीय दूतावास भी है। बता दें कि नेशनल तौहीत जमात एक चरमपंथी मुस्लिम चरमपंथी संगठन है। श्रीलंका में पिछले साल बौद्ध प्रतिमाओं के विध्वंस की घटनाओं में इस संगठन का नाम सामने आया था।
बता दें कि श्रीलंका इस्टर के मौके पर रविवार को सीरियल बम धमाकों से दहल गया। राजधानी कोलंबो समेत कुल आठ जगहों पर हुए सीरियल बम धमाकों में 156 लोग मारे गए हैं। मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। बताया जा रहा है कि 7वां धमाका दक्षिणी कोलंबो के देहिवाला में एक होटल में हुआ है, जिसमें दो लोगों की मौत हुई है। आठवें धमाके की जानकारी सामने नहीं आई है।

