संघीयता कार्यान्वयन के लिए प्रदेशों के बीच सन्तुलित विकास आवश्यकः पूर्व सभामुख ढुंगाना
काठमांडू, २२ अप्रील । पूर्व सभामुख दमननाथ ढुंगाना ने कहा है कि संघीयता को कार्यान्वयन करना है तो सभी प्रदलेशों के बीच सन्तुलित विकास होना अवाश्यक है । उनका मानना है कि प्रदेशों की सन्तुलित विकास बिना संघीयता सफल नहीं हो सकता ।
रुद्र शर्मा द्वारा लिखित ‘नेपाल, भारत और अमेरिका में संघीय विवाद निरुपण’ संबंधी पुस्तक विमोचन समारोह के अवसर पर में ललितपुर में आयोतिज विशेष कार्यक्रम में पूव सभामुख ढुंगाना ने कहा– ‘सभी प्रदेशों में सन्तुलित और सुमुचित विकास के लिए सरकार को काम करना चाहिए, जिससे राष्ट्रीय भावना विकसित हो सके । संघीयता के आधारभूत पक्ष भी यही है ।’ उनका मानना है कि प्रदेश सरकार की ओर से ही जनअपेक्षा पूरी हो सकती है, लेकिन उन्होंने कहा कि उसके अनुसार प्रदेशों को अधिकार प्रत्यायोजन नहीं की गई है ।

